हाई लेवल सिक्योरिटी… ड्रोन की मदद से निगरानी! फलता विधानसभा में आज री-पोलिंग – west bengal falta assembly repolling election security capf deployment ntc amkr


पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा में गुरुवार को री‑पोलिंग के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को पहले के मुकाबले लगभग दोगुना कर दिया है. बता दें, पिछले महीने ईवीएम में हेराफेरी के आरोपों के बाद इस क्षेत्र में मतदान रद्द कर दिया गया था. जानकारी के अनुसार, प्रत्येक मतदान केंद्र पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के 8 जवान तैनात किए जाएंगे.

एक अधिकारी ने बताया कि 29 अप्रैल को हुए मतदान, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था उस दौरान प्रत्येक बूथ पर केवल 4 कर्मी यानी आधे सेक्शन के कर्मचारी ही तैनात थे. इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत की गई है. 

ड्रोन से निगरानी

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक अधिकारी ने जानकारी दी कि फलता विधानसभा क्षेत्र में कुल 285 मतदान केंद्र हैं. यहां सुचारू रूप से मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की लगभग 35 कंपनियां तैनात की जाएंगी. री‑पोलिंग के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती पिछली बार की तुलना में लगभग दोगुनी होगी.

किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए 30 क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैयार रहेंगी. प्रत्येक मतदान केंद्र के भीतर दो वेब कैमरे और बाहर एक कैमरा लगाया गया है. 

मतदान प्रक्रिया और आसपास के क्षेत्रों का सीधा प्रसारण वेबकास्ट के माध्यम से किया जाएगा. साथ ही, ड्रोन निगरानी पर भी विचार किया गया है.

री‑पोलिंग की निगरानी के लिए 3 चुनाव ऑब्जर्वर्स नियुक्त किए गए हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से पूरी हो सके. 

टीएमसी उम्मीदवार ने चुनाव से किया किनारा

इस बीच पश्चिम बंगाल में री-पोलिंग से पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला. टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने खुद को चुनावी प्रक्रिया से अलग करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अब वह चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रहेंगे. चुनाव से ठीक पहले और प्रचार खत्म होने के दिन उनका मैदान से पीछे हटना टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

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