ईरान की संयुक्त मिलिट्री कमांड ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही बंद करने की घोषणा की है. इसके पीछे उन्होंने युद्ध खत्म करने वाले समझौते (MOU) का अमेरिका द्वारा उल्लंघन, दक्षिणी लेबनान से सेना न हटाने और इजरायल द्वारा लगातार युद्धविराम का उल्लंघन करने का कारण बताया है.
ईरान ने इसे पहला कदम बताया है और चेतावनी दी है कि अगर उल्लंघन जारी रहा, तो और भी कदम उठाए जाएंगे.
बता दें, अमेरिका और ईरान ने इस हफ्ते एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके परिणामस्वरूप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की घोषणा की गई थी.
वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौते की खबरों के कुछ ही घंटों बाद शनिवार को दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं.
डील पर मंडराया खतरा
अब ईरान द्वारा दोबारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर प्रतिबंध लगाने से समझौते पर संकट गहरा गया है. इस बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी शनिवार को ईरान पहुंचे हैं. उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब वाशिंगटन और तेहरान ने शांति बहाल करने के मकसद से समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.
माना जा रहा है कि मोहसिन नकवी ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत पर नजर रखेंगे.
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