अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो तीन खाड़ी देशों की यात्रा है. उन्होंने इस दौरान संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन का दौरा किया. इसके बाद उन्होंने यात्रा के अंतिम पड़ाव के तहत बहरीन में खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक की.
इस बैठक के बाद रुबियो ने कहा कि खाड़ी देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बहुत बेहतरीन रही. इन देशों ने मौजूदा स्थिति को लेकर कुछ गंभीर आपत्ति दर्ज कराईं.
रुबियो ने कहा कि बैठक का सबसे बड़ा मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज था. रुबियो ने साफ कहा कि खाड़ी देशों में जीरो सपोर्ट है यानी कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय जहाजों से गुजरने के लिए शुल्क वसूले जाने के पक्ष में नहीं है.
अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने कहा कि होर्मज में टोल वसूलने से खाड़ी के देश सहमत नहीं है. वे इसके खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि ओमान ने स्पष्ट तौर पर कहा कि वे होर्मुज में टोल सिस्टम के पक्ष में नहीं हैं. उन्होंने ये भी कहा कि इस बैठक में ईरान के पुनर्निर्माण फंड को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई
रुबियो ने कहा कि विशेष रूप से ओमान ने बैठक में स्पष्ट कर दिया कि वह भी होर्मुज पर टोल प्रणाली के पक्ष में नहीं है. यह महत्वपूर्ण है क्योंकि होर्मुज का एक किनारा ईरान और दूसरा ओमान के पास है इसलिए ओमान की राय का रणनीतिक महत्व है. हाल के दिनों में ओमान ने समुद्री यातायात के लिए वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग बनाने की कोशिश भी की थी, लेकिन उसने जहाजों से शुल्क लेने के विचार का समर्थन नहीं किया.
उन्होंने कहा कि इस दौरान अमेरिका का उद्देश्य था ईरान के साथ बन रहे शांति समझौते पर खाड़ी देशों को भरोसा दिलाया जाए कि उनकी सुरक्षा और आर्थिक हितों की अनदेखी नहीं होगी. बता दें कि जीसीसी के सदस्य देशों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान हैं.
—- समाप्त —-
