केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में बाली ट्रिप से जुड़ा एक नया और अहम खुलासा सामने आया है. पुलिस का दावा है कि आरोपी सिया गोयल ने बाली यात्रा के दौरान केतन अग्रवाल का पासपोर्ट फाड़कर खोपोली स्थित एक फूड मॉल के वॉशरूम में फ्लश कर दिया था. जांच एजेंसी का मानना है कि 6 तारीख को प्रस्तावित बाली ट्रिप और उसका रद्द होना हत्या की कथित साजिश से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पहलू हो सकता है. पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करने और इससे जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी है.
सिया ने केतन के फोन से डिलीट किया डाटा!
पुलिस ने अदालत को बताया कि वारदात के बाद केतन अग्रवाल का मोबाइल फोन कुछ समय तक सिया गोयल के पास था. बाद में उसने यह मोबाइल केतन के परिवार को सौंप दिया. अब जांच एजेंसी मोबाइल से डिलीट किया गया डेटा रिकवर कर रही है. इसके अलावा दोनों आरोपियों की सोशल मीडिया गतिविधियों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की भी बारीकी से जांच की जा रही है.
केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस ने अदालत में सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग की. जांच अधिकारी एवं पुलिस निरीक्षक मनोज पवार ने कोर्ट को बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला पूर्व नियोजित साजिश की ओर इशारा करता है. पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी अलग-अलग जगहों पर मुलाकात कर कथित तौर पर पूरी योजना तैयार करते थे. साथ ही मामले से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्यों को मिटा दिया गया है, जिन्हें फॉरेंसिक तकनीक की मदद से दोबारा हासिल करने की प्रक्रिया जारी है.
पुलिस ने अदालत को बताया कि सिया गोयल के साथ घटनास्थल का रिक्रिएशन पूरा किया जा चुका है. अब इसी प्रक्रिया के तहत चेतन चौधरी से भी पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जाएंगी. जांचकर्ताओं के अनुसार, वारदात से पहले चेतन ने किले पर कुछ लोगों से संपर्क किया था और उन बातचीतों की भी जांच की जा रही है.
अदालत में पुलिस ने यह भी कहा कि जांच का एक अहम उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि इस हत्या की योजना केवल सिया गोयल और चेतन चौधरी ने बनाई थी या फिर इसके पीछे किसी तीसरे व्यक्ति ने भी मुख्य भूमिका निभाई. इसी वजह से दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी आवश्यक बताई गई.
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस रिमांड बढ़ाने की अनुमति दे दी. अब जांच एजेंसी बाली ट्रिप से जुड़े घटनाक्रम, कथित तौर पर नष्ट किए गए पासपोर्ट, मोबाइल फोन से हटाए गए डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर हत्या की पूरी साजिश का खुलासा करने में जुटी है.
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