तेल रिफाइनरी पर हमले से बौखलाए रूस ने यूक्रेन पर बड़ा हमला किया है. रूसी मिसाइलें और ड्रोन्स ने सोमवार को यूक्रेन में जमकर तबाही मचाई. इस हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 40 जख्मी हो गए.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसे भयानक हमला बताया. अटैक के बाद कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई.
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, रूस द्वारा चार साल पहले अपने पड़ोसी देश पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद से अब तक 16,000 से अधिक यूक्रेनी नागरिक मारे जा चुके हैं.
एक रूसी मिसाइल ने बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए यूक्रेन के ड्निप्रो पर हमला किया. इस अटैक में छह लोगों की मौत हो गई और 29 लोग घायल हुए. दक्षिण की तरफ रूसी ड्रोनों ने एक यात्री मिनी बस पर हमला किया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और एक बच्चे सहित छह लोग घायल हो गए.
इस बीच जेलेंस्की ने यूरोप से फिर अपील की है कि वह रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव के लिए हवाई रक्षा प्रणालियों के विकास को तेज करे. यूक्रेन की जनता को ऐसे भयानक हमलों से अधिक सुरक्षा की जरूरत है.
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल के महीनों में युद्ध में बदलाव देखा गया है. यूक्रेन के बढ़ते ड्रोन हमलों के कारण रूस और उसके कब्जे वाले क्षेत्रों में ईंधन की कमी हुई है. संभवत: इसी बौखलाहट में रूस ने यूक्रेन पर ताजा अटैक किया है.
विश्लेषकों का कहना है कि इन हमलों ने पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में रूसी सैन्य आपूर्ति लाइनों को कमजोर किया है, जिससे उसकी बढ़त धीमी हुई है. यूक्रेन की ड्रोन तकनीक ने उसे अग्रणी बना दिया है और उसने साझेदार देशों की भी मदद की.
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