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‘सीढ़ियों की जगह लिफ्ट, ओवरलोड बिजली…’, अलीगंज अग्निकांड में SIT के चौंकाने वाले खुलासे – Lucknow Aliganj fire case SIT shocking revelations says Lifts instead of stairs overloaded electrical systems Lcly


लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में 15 छात्रों की जलकर मौत हो गई थी. इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है. लेकिन इसी बीच एसआईटी की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. जिसके अनुसार फायर एग्जिट वाली जिस जगह पर लोहे की सीढ़ियां होनी चाहिए थीं, वहां पर नियमों के विरुद्ध लिफ्ट लगा दी गई थी. साथ ही बिल्डिंग के सामने मानक विरुद्ध एक और लिफ्ट लगाने की तैयारी थी.

फायर एग्जिट होते तो बच जाती जान
बिल्डिंग में अगर फायर एग्जिट होते तो 15 लोगों की जान बच जाती. जांच में यह भी सामने आया है कि फायर एग्जिट बदल दिया गया था. फायर एग्जिट बदलना नियम के खिलाफ था. वहीं बिल्डिंग में 20 किलोवाट का कनेक्शन था. जबकि 35 किलोवाट से ज्यादा बिजली उपयोग की जा रही थी.

इसके अलावा बिजली ओवर लोड के चलते आग की तीव्रता भी बढ़ गई थी. भवन निर्माण में अतिरिक्त फ्लोर भी बनाया गया था. इसके लिए करीब 92 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. तत्कालीन 18 इंजीनियरों की सूची एलडीए ने एसआईटी को सौंपी है. जिसमें से वर्तमान में 12 इंजीनियर रिटायर्ड हो चुके हैं. 

बिजली कनेक्शन के बाद नहीं कराया गया रिन्यूअल
भवन पर वर्ष 2000 में 20 किलोवाट का कनेक्शन लिया गया था. लेकिन बिजली सुरक्षा से संबंधित एनओसी नहीं ली गई. वहीं कनेक्शन मिलने के 2 वर्ष बाद भी एनओसी का रिन्यूअल नहीं कराया गया था. इस अग्निकांड की जांच रिपोर्ट एसआईटी आज शासन को सौंप सकती है.

इधर, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी कि NHRC ने मामले में ज़िला मजिस्ट्रेट और पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया है. इस घटना में कई छात्रों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे. मामले की कार्रवाई के अनुसार राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने अधिकारियों से दो हफ़्ते के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है. NHRC को इस संबंध में एक शिकायत मिली है, जिसमें “स्वतंत्र जांच”, ज़िम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, पीड़ितों के लिए मुआवज़े और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों की मांग की गई है.

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