बिना कोचिंग अयान ने पास की CA फाउंडेशन परीक्षा, रोज करते थे 7 घंटे की पढ़ाई                – Ayan Abbas secures AIR 2 in the CA Foundation exam without coaching with 7 hours self study ngix 


महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के भद्रावती में रहने वाले अयान अब्बास अजानी ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने CA फाउंडेशन मई 2026 परीक्षा में AIR 2 का मुकाम हासिल करते हुए परिवार और अपने शहर का नाम रोशन किया है. अयान अब्बास अजानी ने 367 मार्क्स (91.75%) के साथ AIR 2 हासिल किया है. बता दें कि सीए फाउंडेशन की मई 2026 की परीक्षा का परिणाम 3 जुलाई को जारी किया गया था. खास बात ये है की इस साल की मेरिट लिस्ट में पूरी तरह से महाराष्ट्र का दबदबा रहा है. 

किसने किया टॉप? 

वहीं, नासिक की साक्षी जैन 400 में से 371 मार्क्स के साथ ऑल इंडिया रैंक 1 होल्डर बनीं और उन्होंने शानदार 92.75% स्कोर किया. उनके ठीक पीछे चंद्रपुर के अयान अब्बास अजानी रहे, जिन्होंने 367 मार्क्स (91.75%) के साथ रैंक 2 हासिल की. जबकि पुणे की राधा उन्मेश मुले ने 365 मार्क्स (91.25%) के साथ AIR 3 हासिल की. 

पिता चलाते हैं पेट्रोल पंप 

चंद्रपुर जिले के भद्रावती शहर में रहने वाले अयान अब्बास अजानी के परिवार में खुशी का माहौल है. आयन के पिता, पेट्रोल पंप चलाते हैं, उनकी मां गृहिणी हैं और उनके बड़े भाई कॉमर्स में ग्रॅजुएट हैं और वह पिता के व्यवसाय में हाथ बटाते हैं. अयान ने बताया की वह मोबाइल से हमेशा दूरी बनाए रहते थे. अपने पढ़ाई पर ही ज्यादा ध्यान देता था और इसी का नतीजा दिख रहा है, बिना किसी कोचिंग के उन्होंने ये मुकाम हासिल किया है. अयान का कहना है कि हम जो भी कर रहे हैं, उसपर पूरा फोकस करना चाहिए और पूरी लगन से मेहनत करने पर सफलता जरूर मिलती है. 

कोई कोचिंग नहीं केवल 7 घंटे की पढ़ाई 

अयान की जर्नी बेहद खास है. उन्होंने किसी भी कोचिंग संस्थान में एडमिशन लिए बिना भारत की सबसे कठिन परीक्षा को न केवल पास किया है बल्कि दूसरा रैंक हासिल किया है. अयान शुरू से ही पढ़ाई में होनहार रहे हैं, CBSE परीक्षा में 498/500 अंक (99.8%) प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल किया था. अब सीए की पढ़ाई पूरी कर इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं.

पेपर को लेकर क्या बोले अयान? 

उन्होंने किसी कोचिंग में एडमिशन लेने के बजाय सेल्फ स्टडी पर फोकस किया. उन्होंने रटने के बजाय शुरुआत से ही पूरे सिलेबस को अच्छी तरह समझा. इसके बाद कई बार रिवीजन किया और ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस प्रश्न हल किए. उन्होंने कहा कि यह कोर्स बेहद कठिन था. लेकिन मैंने अपने सिलेबस को समय से पहले पूरा कर लिया. मैंने पूरे सिलेबर को तीन से चार पर दोहराया और बहुत सारे प्रश्नों का अभ्यास किया. उन्होनें आगे बताया कि वह हर दिन कम से कम 7 घंटे की पढ़ाई करते थे. 

विश्वास था लेकिन रैंक का नहीं…

अयान ने बताया कि परीक्षा के बाद उन्हें विश्वास था कि वह पास हो जाएंगे लेकिन जब उन्होंने मेरिट लिस्ट में सबसे ऊपर देखा तो, वह पल उनके लिए भावुक कर देने वाला था. जब मैंने परिणाम देखा तो मुझे बहुत खुशी हुई. मैं यह नहीं कह सकता कि यह अप्रत्याशित था क्योंकि जिस तरह से मैंने परीक्षा दी थी, मुझे लगा था कि मुझे इतने अंक मिल सकते हैं. लेकिन फिर भी इतना अच्छा परिणाम देखकर मुझे थोड़ा आश्चर्य हुआ. अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान उनका पूरा समर्थन किया. 

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