जिस हत्या ने बिगाड़े भारत-कनाडा के रिश्ते, अब उसमें लॉरेंस बिश्नोई का नाम, अमेरिका का खुलासा – lawrence bishnoi nijjar murder case india canada relations crisis US investigation ahlbs


ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में जून 2023 में हुई खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर अमेरिका की जांच एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है. अमेरिकी न्याय विभाग ने दावा किया है कि भारत में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके कथित सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ ने निज्जर की हत्या का आदेश दिया था.

यह दावा अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से दायर आरोपपत्र में किया गया है. इसी के साथ अमेरिका ने ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत भारत से जुड़े तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय अपराध संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दुनियाभर में 24 लोगों की गिरफ्तारी की घोषणा की है. गिरफ्तार लोगों में कनाडा के तीन आरोपी भी शामिल हैं.

आरोपपत्र में क्या कहा गया?

अमेरिकी आरोपपत्र के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे स्थित गुरुद्वारे के बाहर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करवाने का आदेश दिया था. आरोपपत्र में निज्जर का नाम सीधे नहीं लिखा गया है, बल्कि उन्हें शुरुआती अक्षरों H.S.N. (Hardeep Singh Nijjar) के जरिए पहचानते हुए हत्या की तारीख और घटना से जुड़ी जानकारी दी गई है.

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि बिश्नोई गिरोह ने हाई-प्रोफाइल हत्याओं, गोलीबारी और हिंसक घटनाओं का इस्तेमाल भारतीय समुदाय के लोगों में डर पैदा करने और उनसे जबरन वसूली करने के लिए किया.

मादक पदार्थों की तस्करी से चलता था नेटवर्क

अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, बिश्नोई गिरोह अपनी गतिविधियों के लिए मादक पदार्थों की तस्करी से पैसा जुटाता था. इस कार्रवाई के दौरान करीब 1,000 किलोग्राम कोकीन और एक दर्जन से ज्यादा हथियार बरामद किए गए. जांच में सामने आया कि नवंबर 2024 में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने करीब 49 किलोग्राम कोकीन अमेरिका से कनाडा भेजने की योजना बनाई थी. हालांकि कैलिफोर्निया में इस खेप को पकड़ लिया गया.

कनाडा में भी कार्रवाई

अमेरिका ने एक अन्य मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ भी कार्रवाई की है. इस मामले में वैंकूवर के रविंदर सिंह धांधा, सरे के जसकरण बघड़ और क्रेस्टन के गुरतेज सिंह स्माघ समेत 11 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं. इन लोगों पर अमेरिका से कनाडा में हर सप्ताह बड़ी मात्रा में कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करने का आरोप है. इसके अलावा भारत में जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े 17 लोगों पर भी कार्रवाई की गई है.

RCMP और FBI ने क्या कहा?

कनाडा की संघीय पुलिस आरसीएमपी (Royal Canadian Mounted Police) के आयुक्त माइक ड्यूहेम ने कहा कि इस अभियान ने तीन बड़े आपराधिक संगठनों के नेतृत्व को निशाना बनाया है. उन्होंने कहा कि इन गिरोहों पर अपहरण, रंगदारी, हत्या, गोलीबारी, आगजनी और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के आरोप हैं.

अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी एफबीआई के लॉस एंजिल्स कार्यालय के अधिकारी पैट्रिक ग्रैंडी ने कहा कि यह कार्रवाई उन आपराधिक संगठनों के खिलाफ है, जिन्होंने अमेरिका और दूसरे देशों में परिवारों और समुदायों को डराया है.

निज्जर हत्याकांड से बिगड़े थे भारत-कनाडा संबंध

निज्जर हत्याकांड के बाद सितंबर 2023 में कनाडा और भारत के बीच संबंध बेहद खराब हो गए थे. तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में दावा किया था कि कनाडाई एजेंसियों के पास ऐसे खुफिया इनपुट हैं, जो हत्या में भारत सरकार के संभावित संबंधों की ओर इशारा करते हैं. भारत सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया था. कनाडा के आरोपों के बाद भारत ने कई बार कहा कि बिना ठोस सबूत के लगाए गए आरोप स्वीकार नहीं किए जा सकते. दोनों देशों ने राजनयिक स्तर पर भी कई कड़े कदम उठाए थे.

हालांकि, अमेरिका के नए आरोपों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया गया है, लेकिन अमेरिकी आरोप पत्र में इस मामले में किसी भारतीय सरकारी भूमिका का दावा नहीं किया गया है. बता दें कि निज्जर कनाडाई नागरिक था और खालिस्तान समर्थक गतिविधियों से जुड़ा हुआ था. भारत ने उसे आतंकवादी घोषित किया हुआ था.

मई 2024 में कनाडा में चार भारतीय नागरिकों पर निज्जर की हत्या और हत्या की साजिश के आरोप लगाए गए थे. यह मामला फिलहाल ब्रिटिश कोलंबिया के सुप्रीम कोर्ट, न्यू वेस्टमिंस्टर में चल रहा है.

कौन है लॉरेंस बिश्नोई?

लॉरेंस बिश्नोई भारत का चर्चित गैंगस्टर है, जो कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों में आरोपी रहा है. उसका नाम पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड, रंगदारी और कई गोलीबारी की घटनाओं से भी जुड़ चुका है. जेल में रहते हुए भी उसके गिरोह के सक्रिय होने के आरोप लगते रहे हैं.

10 आरोपी अभी भी फरार

अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, गिरफ्तारियों और पहले से जेल में बंद आरोपियों के अलावा 10 संदिग्ध अभी भी फरार हैं. इनमें 7 अमेरिका, 2 भारत और 1 यूरोप में बताए गए हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि इन अंतरराष्ट्रीय अपराध संगठनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और उन्हें दुनिया में कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं मिलेगा.

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