असम में आई भीषण बाढ़ के बीच भारतीय सेना ने तुरंत आपदा राहत व मानवीय सेवा का परिचय देते हुए अब तक 571 लोगों को सुरक्षित बचाया है. लगातार हो रही मॉनसूनी वर्षा के कारण ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से ऊपरी असम के कई गांव जलमग्न हो गए हैं. घरों, फसलों और कई अहम संपर्क मार्गों को भारी नुकसान पहुंचा है.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्पीयर कोर ने 19 जुलाई 2026 से दिन-रात लगातार राहत और बचाव अभियान शुरू किया. ऑपरेशन जल राहत के तहत 45 सैनिकों वाली तीन विशेष राहत टीमों को शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट सहित सबसे अधिक प्रभावित जिलों में तैनात किया गया.
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असम सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सेना के जवान मोटरबोटों के माध्यम से तेज बहाव वाली बाढ़ की धाराओं में राहत व बचाव कार्य कर रहे हैं. विशेष इंजीनियरिंग उपकरणों और आपातकालीन चिकित्सा सामग्री से लैस टीमों ने गांव-गांव पहुंचकर बच्चों, बुजुर्गों और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया. साथ ही आवश्यक चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई गई.
एक सैन्य अधिकारी ने कहा, ‘देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के समय नागरिकों की सहायता करना भी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है.’
ऊपरी असम में जारी यह राहत अभियान आपदा की इस घड़ी में भारतीय सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता, समर्पण और मानवीय सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है. जलस्तर धीरे-धीरे सामान्य होने के बीच सेना प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी रखे हुए है.
(Input: Purna Bikash)
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