इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भयानक तबाही मचाई है. इसमें कम से कम 51 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 5,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. शनिवार (15 अगस्त) सुबह आए इस भूकंप से पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में भारी तबाही हुई. भूकंप के कारण सड़कें बंद हो गईं और कई जगह भूस्खलन हुआ.
डिप्टी हेल्थ मिनिस्टर बेंजामिन पॉलस ऑक्टेवियनस ने बताया कि भूकंप में 36 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि 77 लोगों को मामूली चोटें आई हैं. भूकंप के बाद 341 झटके भी दर्ज किए गए. 2022 में पश्चिम जावा में आए भूकंप के बाद यह इंडोनेशिया का सबसे घातक भूकंप है, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी.
आपदा प्रबंधन एजेंसी BNPB के अनुसार, सिक्का क्षेत्र में 3,300 से अधिक लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर शरण ली या उन्हें एक खेल परिसर में ठहराया गया है. कई लोग अपने ढह चुके घरों के बाहर तिरपाल से बने अस्थायी टेंट में रहने को मजबूर हैं. वहीं, मौमेरे में अस्पताल के बाहर भी टेंट लगाकर लोगों का इलाज किया जा रहा है.
पेड़ों के नीचे तिरपाल लगाकर सो रहा परिवार
सिक्का के 63 वर्षीय अब्दुल मुतास ने बताया कि वह और उनका परिवार पेड़ों के बीच तिरपाल लगाकर सो रहे हैं. उन्होंने कहा कि ‘मैं सिर्फ अपना शरीर लेकर निकला.’ सिक्का के उप रीजेंट साइमन सुबांदी ने बताया कि लगभग सभी लोग घरों के अंदर रहने से डर रहे हैं और बरामदों या बाहर लगे टेंटों में रात बिता रहे हैं.
इमरजेंसी घोषित करने पर विचार
राहत और बचाव के लिए 3,500 से अधिक सैन्य और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक लापता लोगों की कोई संख्या नहीं बताई गई है. लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है.
BNPB के मुताबिक, 1,300 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण 20 पेट्रोल पंप बंद रहे. पूर्वी नुसा तेंगारा सरकार इमरजेंसी घोषित करने पर विचार कर रही है, जिससे संसाधन और फंड जुटाने में मदद मिल सके.
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