श्रीलंका के जाफना के पास चेम्मानी में एक सामूहिक कब्रगाह की खुदाई के दौरान 582 कंकाल मिले हैं. इनमें शिशुओं और बच्चों के कंकाल भी शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये अवशेष उन नागरिकों के हो सकते हैं जो श्रीलंका के गृहयुद्ध के दौरान लापता हुए थे.
खुदाई के दौरान कंकालों के अलावा खिलौने, दूध की बोतलें, स्कूल बैग, जूते और चूड़ियां भी मिली हैं. एक कंकाल ऐसा भी मिला, जिसके दोनों हाथ छाती के पास बंधे हुए थे.
चेम्मानी में सामूहिक कब्र होने का शक वर्ष 1998 से था. उस समय एक श्रीलंकाई सैनिक पर एक स्कूली छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या का मुकदमा चल रहा था. जांच के दौरान सैनिक ने दावा किया था कि सेना की हिरासत में रखे गए 300 से 400 तमिलों को मारकर चेम्मानी में दफनाया गया था.
इसके बाद 1999 में खुदाई के आदेश दिए गए और 15 कंकाल बरामद हुए थे. सरकारी जांच में इनमें से 10 कंकालों पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे. हालांकि, बाद में जांच रोक दी गई.
पिछले साल भी मिले थे 240 कंकाल
चेम्मानी में पिछले साल भी करीब 240 मानव कंकाल बरामद किए गए थे. ताजा खुदाई उस समय शुरू हुई जब निर्माण कार्य के दौरान हिंदू श्मशान स्थल के पास मानव अवशेष मिले थे. रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका सरकार ने सामूहिक कब्र की खुदाई के लिए करीब 62 लाख रुपये की राशि आवंटित की है.
श्रीलंका के गृहयुद्ध से जुड़ा है मामला
बता दें कि श्रीलंका में गृहयुद्ध की शुरुआत 1983 में सरकार और लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के बीच हुई थी. LTTE अलग तमिल राज्य की मांग कर रहा था. करीब 26 साल तक चले इस संघर्ष में एक लाख से ज्यादा लोगों के मारे जाने का अनुमान है. 2009 में श्रीलंकाई सेना ने LTTE को हरा दिया और युद्ध समाप्त हो गया. हालांकि, इस दौरान बड़ी संख्या में लोग लापता हुए, जिनमें ज्यादातर तमिल समुदाय के लोग थे.
श्रीलंकाई सुरक्षा बलों पर तमिल नागरिकों की हत्या, अपहरण और अन्य गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप लगते रहे हैं. वहीं, LTTE पर भी हत्या, अपहरण, दुष्कर्म और अन्य अत्याचारों के आरोप लगे हैं.
जाफना का चेम्मानी इलाका 1995 से युद्ध की समाप्ति तक श्रीलंकाई सेना के नियंत्रण में था. लंबे समय से चली आ रही जांच और खुदाई में देरी के बाद अब यहां मिले कंकालों ने श्रीलंका के गृहयुद्ध के दौरान हुई घटनाओं को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं.
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