संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के बाद कानून-व्यवस्था को संभालने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई को लेकर चर्चा में आए IPS कृष्ण कुमार विश्नोई अब करीब 1 साल 11 महीने का कार्यकाल पूरा करने के बाद जिले से विदा हो गए हैं. उनका तबादला बिजनौर कर दिया गया है. शनिवार को बहजोई स्थित पुलिस लाइन में उनके लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया. इस दौरान संभल के डीएम अंकित खंडेलवाल समेत जिले के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी. समारोह के आखिरी पलों में माहौल उस समय बेहद भावुक हो गया, जब IPS विश्नोई की आंखों से आंसू छलक पड़े. उन्हें भावुक देखकर डीएम अंकित खंडेलवाल भी खुद को रोक नहीं सके.
संभल हिंसा को किया याद
विदाई समारोह में IPS कृष्ण कुमार विश्नोई ने अपने करीब 1 साल 11 महीने के कार्यकाल के दौरान की कई घटनाओं और अनुभवों को याद किया. हालांकि, उन्होंने सबसे पहले 24 नवंबर 2024 को हुई संभल हिंसा का जिक्र किया. उन्होंने उस मुश्किल दौर में घटनास्थल पर कंधे से कंधा मिलाकर डटे रहने वाले पुलिसकर्मियों का आभार जताया.
विश्नोई ने कहा कि संभल हिंसा पर काबू पाना और उसके बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई किसी एक अधिकारी की उपलब्धि नहीं थी. यह पूरी संभल पुलिस की टीम के सामूहिक प्रयास का नतीजा था. उन्होंने हिंसा के दौरान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाया और उनके योगदान को याद किया.
भावुक हुए IPS विश्नोई, DM ने संभाला
हिंसा का जिक्र करते हुए IPS विश्नोई भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. उनके बराबर में बैठे डीएम अंकित खंडेलवाल ने उन्हें पानी पिलाकर संभाला. लेकिन अपने साथी अधिकारी को भावुक देखकर डीएम भी खुद को रोक नहीं सके और उनकी आंखें भी नम हो गईं.समारोह में मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी उस वक्त भावुक माहौल बन गया.
सख्त एक्शन के लिए चर्चा में रहे विश्नोई
संभल हिंसा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे. इसके बाद पुलिस ने हिंसा में शामिल आरोपियों की तलाश और उनके खिलाफ कार्रवाई तेज की.फरार आरोपियों के पोस्टर विवादित स्थल के आसपास लगाए गए.पुलिस ने हिंसा से जुड़े आरोपियों और शारिक साठा गैंग से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की.
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संभल की सीमाओं पर 10 अलग-अलग बैरियर बनाए गए. जिले में 39 नई पुलिस चौकियां स्थापित की गईं. विवादित स्थल के सामने सत्यव्रत पुलिस चौकी स्थापित करना भी कानून-व्यवस्था की दृष्टि से अहम कदम माना गया.इसी परिसर में पुलिस का कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया.
ATS और CCTV नेटवर्क पर भी जोर
संभल में पहले सामने आ चुके आतंकी कनेक्शन को देखते हुए कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ATS की स्थापना को लेकर भी पहल की गई. इसके अलावा शहर के संवेदनशील इलाकों और प्रमुख स्थानों पर ढाई सौ से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए. इन कैमरों को सत्यव्रत पुलिस चौकी में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ने का काम किया गया, ताकि शहर की गतिविधियों पर एक ही स्थान से नजर रखी जा सके.
विश्नोई की आखिरी बात दिल को छू गई
विदाई समारोह के अंत में IPS कृष्ण कुमार विश्नोई ने ऐसी पंक्ति कही, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को भावुक कर दिया. उन्होंने कहा “किसी चराग का अपना मकां नहीं होता… जहां जाएंगे, वहीं रोशनी लुटाएंगे.” विश्नोई की यह बात उनके पूरे कार्यकाल और विदाई के भाव को बयां कर गई. करीब 1 साल 11 महीने तक संभल में जिम्मेदारी निभाने के बाद वह अब बिजनौर के लिए रवाना हो गए, लेकिन विदाई समारोह में कही उनकी यह आखिरी बात लंबे समय तक लोगों को याद रहेगी.
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