एक्टर कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन से जुड़े विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है. इस कैंपेन को चलाने वाले ज्वेलरी ब्रांड ने बताया है कि उन्होंने कमर्शियल को क्यों हटाया. ब्रांड के फाउंडर इशेंद्र अग्रवाल ने कहा कि यह फैसला कैंपेन के मैसेज को नकारने के लिए नहीं लिया गया था, बल्कि कुछ स्टोर के आस-पास तनाव बढ़ने और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा होने के बाद यह कदम उठाया गया.
एक्ट्रेस कृति सेनन को विज्ञापन में डीप-नेक, ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज़ पहनने के लिए ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था. कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पारंपरिक त्योहार पर आधारित कैंपेन के लिए इस आउटफिट को गलत बताया था.
बाद में ज्वेलरी ब्रांड ने सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से विज्ञापन हटा लिया. इसके फाउंडर ने अब साफ किया है कि कैंपेन का मैसेज वही है और यह फैसला मुख्य रूप से ब्रांड के कर्मचारियों और स्टोर की सुरक्षा के लिए लिया गया था.
विज्ञापन हटाने की वजह बताई
इंस्टाग्राम पर विवाद के बारे में बात करते हुए फाउंडर ने कहा कि ऐसी धारणा बन गई थी कि ब्रांड अपने कैंपेन या उसके मैसेज से पीछे हट गया है. उन्होंने साफ किया कि ब्रांड विज्ञापन के पीछे के मकसद पर अब भी कायम है, जिसे कृति के साथ मिलकर बनाया गया था.
GIVA के मालिक ईशेंद्र अग्रवाल ने लिखा, ‘मैं कृति के साथ हमारे रक्षाबंधन कैंपेन को लेकर हो रही बातचीत और खासकर इस धारणा पर नजर रख रहा हूं कि हम कैंपेन या उसके पीछे के मैसेज के साथ खड़े नहीं रहे. मैं साफ करना चाहता हूं कि कैंपेन के पीछे के मकसद में हमारा भरोसा अब भी वैसा ही है.’
अग्रवाल ने आगे कहा कि कैंपेन कृति के साथ मिलकर बनाया गया था और इसका मकसद रक्षाबंधन को एक ऐसे त्योहार के तौर पर मनाना था जो परिवारों को एक साथ लाता है. उनके मुताबिक, ब्रांड कैंपेन के मकसद और भावना को लेकर एक्ट्रेस के साथ सहमत है.
फैसले के बारे में बताते हुए फाउंडर ने कहा कि ब्रांड के कुछ स्टोर के आस-पास तनाव बढ़ गया था और कुछ घटनाओं की वजह से जमीनी स्तर पर काम करने वाली टीमों के लिए असुरक्षित माहौल बन गया था.
उन्होंने कहा, ‘उस समय, हमारी पहली जिम्मेदारी जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों और हमारे स्टोर की सुरक्षा सुनिश्चित करना था और मैं कभी नहीं चाहूंगा कि उन्हें कोई नुकसान पहुंचे.’
यह सफाई ज्वेलरी ब्रांड द्वारा 26 अगस्त को एक आधिकारिक बयान जारी करने के बाद आई, जिसमें घोषणा की गई थी कि उन्होंने ‘सम्मान के तौर पर’ विज्ञापन हटा लिया है. ब्रांड ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों के प्रति अपना सम्मान दोहराया और कहा कि कैंपेन का मकसद परिवारों के साथ-साथ पालतू जानवरों के साथ भी त्योहार मनाना था.
कृति सेनन ने क्या कहा?
विज्ञापन हटाए जाने से पहले एक्ट्रेस कृति सेनन ने इस आलोचना पर बात की थी और सवाल उठाया था कि महिलाओं को उनके कपड़ों के आधार पर क्यों आंका जाता है. उन्होंने कहा कि त्योहारों का असली मकसद उनसे जुड़ी भावनाओं और परंपराओं में होता है, न कि इस बात में कि कोई क्या पहनता है.
उन्होंने लिखा, ‘त्योहारों का असली मकसद आपके पहने हुए कपड़ों में नहीं, बल्कि परंपराओं के प्रति आपकी भावनाओं और उनके अर्थ में होता है. रक्षाबंधन सुरक्षा का बंधन है. मैं और मेरी बहन एक-दूसरे को राखी बांधते हैं. हम जानते हैं कि हम एक-दूसरे की सुरक्षा उतनी ही अच्छी तरह कर सकते हैं, जितना कोई भाई करता. हम एक-दूसरे की सेहत, खुशी और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करते हैं. और हमारे लिए, यह प्रार्थना और वादा हमारे डॉग्स के लिए भी है! आखिरकार, वे भी तो परिवार का हिस्सा हैं!’
उन्होंने महिलाओं के कपड़ों और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी बड़ी बहस पर भी सवाल उठाए.
उन्होंने आगे कहा, ‘और हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन में समय के साथ काफी बदलाव आया है, लेकिन आज भी किसी महिला के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ उसके कपड़ों से ही आंका जाता है! संस्कृति और परंपराएँ दिल में होती हैं, गले की नेकलाइन में नहीं!”
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