चट्टान से बदली बाढ़ की दिशा, तीसरी मंजिल के मंदिर में सिमटा रहा परिवार… नेपाल फ्लड में ऐसे बचा ‘चमत्कारी मकान’ – nepal trishuli bhote koshi flood three story house survives family safe ntcpvp iwth


नेपाल में तिब्बत सीमा से आए फ्लैश फ्लड को तकरीबन एक हफ्ता होने जा रहा है. इस फ्लैश फ्लड से त्रिशूली-भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने आसपास के पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी है. जहां कभी घर, दुकानें और बाजार हुआ करते थे, वहां अब मलबा, पत्थर और कीचड़ दिखाई दे रहा है. बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि कई इमारतें नजर के सामने ही मलबा बन गईं. दिल दहला देने वाली ऐसी तमाम तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद हैं. 

लेकिन इन खौफनाक मंजरों के बीच भी एक दृश्य ऐसा है जो डराता भी है और इस बात पर यकीन भी दिलाता है कि ‘चमत्कार’ नाम की भी कोई चीज होती है और दुनिया में उसकी मौजूदगी है. नेपाल की इस भीषण ‘जल प्रलय’ के बीच खौफनाक बाढ़ की लहरों में भी सीधा-सधा खड़ा वो ‘हरा मकान’ सोशल मीडिया पर न्यू सेंसेशन है. 

आश्चर्य है कि ये तीन मंजिला मकान अब भी अपनी जगह पर खड़ा है. जहां आसपास की हर बिल्डिंग, हर घर, दुकान-मकान तबाह हो गए हैं, वहीं इस मकान में मौजूद परिवार सुरक्षित बचा रहा और स्थानीय लोग इसे किसी ‘चमत्कार’ से कम नहीं मान रहे हैं.

इस मकान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही हैं. आजतक की टीम ग्राउंड पर पहुंची और ये पड़ताल की, कि आखिर बाढ़ के इतने तेज बहाव के बीच यह मकान कैसे बच गया और इसके अंदर मौजूद लोगों ने अपनी जान कैसे बचाई?

पानी बढ़ा तो तीसरी मंजिल पर पहुंच गया परिवार

ग्राउंड रिपोर्ट में कई बातें सामने आईं. बाढ़ का पानी इलाके में घुसने लगा तो मकान में मौजूद परिवार खतरे को भांप गया. पानी लगातार ऊपर चढ़ रहा था. परिवार के सदस्य पहले निचली मंजिलों से ऊपर पहुंचे और आखिर में तीसरी मंजिल पर चले गए. मकान के सबसे ऊपरी हिस्से में एक छोटा सा मंदिर भी बना हुआ है. परिवार के सदस्य इसी ऊपरी हिस्से के पास सुरक्षित जगह में रुके रहे.

नीचे पानी का बहाव तबाही मचा रहा था और आसपास की इमारतें इसकी चपेट में आ रही थीं. परिवार के पास उस वक्त वहां से निकलने का सुरक्षित रास्ता नहीं था. ऐसे में सभी लोग तीसरी मंजिल पर पानी कम होने का इंतजार करते रहे. हालात कुछ सामान्य होने के बाद क्विक रिस्पॉन्स टीम मौके पर पहुंची और परिवार के सदस्यों को मकान से सुरक्षित बाहर निकाला.

पूरा इलाका तबाह होने के बावजूद परिवार के सुरक्षित बचने के बाद स्थानीय लोगों के बीच इस मकान की चर्चा होने लगी. कोई इसे घर की मजबूत बनावट का नतीजा बता रहा है तो कोई भगवान की कृपा और चमत्कार मान रहा है.

आखिर कैसे बच गया तीन मंजिला मकान?

ग्राउंड पर इस मकान की स्थिति देखने पर इसके बचने की एक बड़ी वजह सामने आती है. मकान के पास पहाड़ी का एक हिस्सा और विशाल चट्टान मौजूद है. बाढ़ का तेज पानी जब इस तरफ आया तो इस चट्टान ने उसके सीधे बहाव को रोकने और उसकी दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई.

पानी का मुख्य प्रवाह आगे बढ़ रहा था और उसके रास्ते में आने वाले घर, दुकानें और बाजार बह गए. लेकिन मकान की तरफ बढ़ने वाली धारा को सामने मौजूद ऊंची चट्टान ने काट दिया. चट्टान से टकराने के बाद पानी की दिशा मुड़ी और मकान तक पहुंचते-पहुंचते उसके बहाव की ताकत काफी कम हो गई.

पहली और दूसरी मंजिल डूबी, तीसरी तक पहुंचा पानी

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि मकान को नुकसान नहीं पहुंचा. पानी का स्तर लगातार बढ़ता रहा. पहली मंजिल इसकी चपेट में आई और इसके बाद पानी दूसरी मंजिल तक पहुंच गया. बाढ़ ने मकान के सामने मौजूद पिलर और बीम के हिस्से को भी नुकसान पहुंचाया.

पानी तीसरी मंजिल तक भी पहुंचा, लेकिन तब तक उसके बहाव की तीव्रता कम हो चुकी थी. मकान के निचले हिस्से में बने मजबूत पिलर और पत्थरों वाली संरचना ने भी पानी का सामना किया. यही वजह रही कि नुकसान के बावजूद इमारत पूरी तरह नहीं गिरी.

इसके ठीक पीछे मौजूद दूसरी इमारत की स्थिति इस अंतर को साफ दिखाती है. तेज बहाव ने उस इमारत को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और उसकी छत समेत बड़ा हिस्सा गिर गया. लेकिन जिस जगह चट्टान ने पानी की धारा को मोड़ा, वहां प्रवाह की ताकत कम होने से तीन मंजिला मकान खड़ा रह गया.

संयोग, मजबूत बनावट या ‘ईश्वर का चमत्कार’?

त्रिशूली की तबाही के बीच इस घर के बचने के पीछे प्राकृतिक स्थिति और उसकी बनावट दोनों की भूमिका दिखाई देती है. मकान ऐसी जगह बना था जहां पहाड़ और बड़ी चट्टान ने बाढ़ के सीधे प्रवाह को कमजोर कर दिया. इसके बावजूद जिस तरह आसपास का इलाका मलबे में तब्दील हो गया और यही मकान खड़ा रहा, उसने लोगों को हैरान कर दिया है.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि मकान में फंसे परिवार के सदस्य भी सुरक्षित बच गए. यही वजह है कि स्थानीय लोग इसे महज संयोग या मजबूत निर्माण से आगे बढ़कर ‘चमत्कार’ के रूप में भी देख रहे हैं. बाढ़ प्रभावित इलाके में अब राहत और बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है.

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