ऑपरेशन सिंदूर के प्रहार से उबर नहीं पाया पाकिस्तान, अब तक चौकियों की कर रहा मरम्मत – Pakistan army war footing repair post operation sindoor ntc acwi


ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना और वायु सेना के हमलों में क्षतिग्रस्त हुई अपनी चौकियों पर पाकिस्तान अब तक मरम्मत का काम कर रहा है. खुफिया विभाग के उच्च स्तरीय सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान न सिर्फ सैन्य चौकियों की मरम्मत कर रहा है बल्कि मई 2025 में नष्ट हुए बुनियादी आतंकी ढांचे को भी फिर से तैयार करने में लगा है.

कैंप्स में लगाए थर्मल सेंसर 

भारतीय थर्मल इमेजर, पेड़ों के आर-पार देखने की क्षमता रखने वाले रडार और सैटेलाइट की नजर से बचने के लिए पाकिस्तान ने LoC के पास अपने नए छोटे कैंप बनाए हैं. इन कैंप्स को घने जंगहों में अलग-अलग जगहों पर बनाया गया, जिससे कोई इनका पता न लगा पाए. इनमें लुनी, पुटवाल, ताइपु पोस्ट, जमीला पोस्ट, उमरानवाली, चपरार, फॉरवर्ड कहूटा, छोटा चक और जंगलोरा शामिल हैं. इन कैंप्स में थर्मल सेंसर और एंटी ड्रोन सिस्टम भी लगाए गए हैं. 

10 मई 2025 को सीजफायर के बाद भी पाकिस्तान को दो महीने तक भारत की ओर से दोबारा गोलीबारी का डर था. इसी के कारण पाकिस्तान ने इन कैंपों की मरम्मत बहुत ही धीमी गति से की. हालांकि पिछले तीन महीनों में यहां बहुत तेजी से काम हुआ है. कुछ बुनियादी ढांचे तो फिर से काम करने भी लगे हैं. लेकिन कई जगहों पर अभी भी अस्थायी इंतजामों के सहारे काम चल रहा है. कुछ जगहों पर तो अब तक नुकसान साफ नजर आता है. 

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88 घंटे चला था संघर्ष

गौरतलब है, भारत ने पहलगाम आतंकी के जवाब में 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था. ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और PoK में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन के 9 आंतकी कैंपों और 11 पाकिस्तानी एयरबेस को निशाना बनाया गया था. जिसमें  नूर खान, सरगोधा, रफीकी, मुरीद, सुक्कुर, सियालकोट, पसरूर, चुनियन, स्कार्दू, भोलाड़ी और जैकोबाबाद शामिल थे. 

88 घंटे यह संघर्ष चला था. बाद में पाकिस्तान के अपने ही दस्तावेज़ों में यह बात स्वीकारी गई कि भारत ने उसके सात और ठिकानों – पेशावर, झांग, गुजरात, बहावलनगर, अटक, हैदराबाद और सिंध में छोर – पर हमला किया था. साथ ही, पाकिस्तान ने इन ठिकानों और JF-17 व C-130 विमानों की मरम्मत के लिए लाखों डॉलर के टेंडर भी जारी किए.

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