अमेरिका और ईरान के बीच फिर तेज हुए सैन्य तनाव के बीच इजरायल भी दोबारा युद्ध में शामिल हो सकता है. इजरायल जरूरत पड़ने पर ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के की मंजूरी का इंतजार कर रहा है.
इजरायल के सार्वजनिक प्रसारक Kan और न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यरुशलम के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा सैन्य टकराव अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है. ऐसे में अगर वॉशिंगटन चाहे तो इजरायल भी अमेरिकी अभियान का हिस्सा बन सकता है.
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एक इजरायली अधिकारी के हवाले से कहा गया, “जरूरत पड़ी तो हम फिर कार्रवाई करेंगे. हमने पहले भी अमेरिका के साथ खड़े होकर यह साबित किया है.” अधिकारी ने यह भी माना कि कोई भी इजरायल दोबारा युद्ध जैसी स्थिति नहीं चाहता, लेकिन ईरान की गतिविधियों को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता.
क्या इजरायल सच में ईरान जंग में दोबारा कूदेगा?
दूसरी तरफ इजरायली रक्षा बल (IDF) के अधिकारियों ने कहा है कि फिलहाल इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सीधे सैन्य संघर्ष में शामिल होने की योजना नहीं बना रहा है. सेना का आकलन है कि फिलहाल ईरान भी इजरायल को इस टकराव में घसीटना नहीं चाहता और निकट भविष्य में इजरायल पर किसी बड़े हमले की आशंका नहीं है. इसके बावजूद सेना को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है.
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होर्मुज में ईरान ने जहाजों पर किया था हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस बीच बताया कि हाल के हमले होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कारोबारी जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में किए गए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम समझौता अब उनके लिए खत्म हो चुका है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बातचीत में काफी समय गंवाया और अब वह आगे वार्ता जारी रखने के पक्ष में नहीं हैं.
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