‘आपको और पापा को आखिरी बार 35 साल पहले साथ देखा,’ राहुल ने जारी किया सोनिया की किताब का कवर पेज – sonia gandhi autobiography belonging a journey of love Rahul Gandhi Rajiv ntcppl


मम्मा,

मैंने आपको और पापा को आखिरी बार 35 साल से भी ज़्यादा समय पहले एक साथ देखा था. जिस दिन पापा चले गए, उसके बाद से मैंने आपको  जिंदगी ने जो भी दिया उसका सामना करते देखा है, हमेशा हिम्मत और गरिमा के साथ. सिर्फ़ प्रियंका और मैं ही असल में जानते हैं कि आप किन-किन हालातों से गुजरीं हैं. क्या क्या सहा है. हमने ये भी समझा कि पापा के जाने के बाद आपकी ज़िंदगी कितनी मुश्किल थी. 

राहुल गांधी का ये पोस्ट संवेदनाओं की स्याही और भावुकता भरे लफ्जों में लिखी गई है. आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जन्मदिन है. इस मौके पर राहुल ने अपनी मां के संघर्षों और उनकी जीवन यात्रा को दर्शाने वाली किताब का कवर पेज लॉन्च किया है. इस किताब का नाम है- Belonging: A journey of love. 

ये किताब सोनिया गांधी की जीवनी है. यह किताब को 10 नवंबर 2026 को अल्फ्रेड ए. नोफ द्वारा प्रकाशित होने वाली है. 

इस किताब को सोनिया गांधी ने खुद लिखा है. 

यह सोनिया गांधी की व्यक्तिगत और राजनीतिक यात्रा की कहानी है, प्यार, परिवार और भारत के इर्द-गिर्द. कभी बहुत संकोची मानी जाने वाली सोनिया गांधी ने इसमें अपने जीवन के अनुभवों को किताब के पन्नों पर सजाया है. दरअसल ये किताब एक तरह से उनकी निजी डायरी है. 

राहुल गांधी ने आज इस किताब का कवर पेज जारी किया है. 

एक्स पर डाले गए एक पोस्ट में राहुल आगे लिखते हैं, “मुझे खुशी और गर्व है कि आपकी कहानी – “Belonging: A Journey of Love” ​​आखिरकार लाखों लोग पढ़ेंगे जो आपसे प्यार करते हैं, मैं जानता हूं कि आप जैसी निजी ज़िंदगी पसंद करने वाली इंसान के लिए दुनिया को अपनी खूबसूरत कहानी बताना कितना मुश्किल रहा होगा. 

आज उनके जन्मदिन पर मैं पापा को मुस्कुराते हुए और अपनी खूबसूरत सोनिया को गर्व से देखते हुए महसूस कर सकता हूं. “

प्यार,
राहुल

प्रकाशक अल्फ्रेड ए. नॉफ़ की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान में सोनिया गांधी ने कहा, “दिल टूटने और नुकसान की वजह से ही मैं राजनीति की सार्वजनिक दुनिया में आई. उससे पहले मैंने अपनी प्राइवेसी को बहुत कोशिशकर बचाकर रखी थी.”

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता ने कहा, “अपनी ज़िंदगी के बारे में लिखना मेरे लिए आसान नहीं था. इसका मतलब था खुद को सबके सामने खोलना, और उन पलों व अनुभवों को साझा करना जिन्हें मैंने हमेशा अपने मन में गहराई से छिपाकर रखा था.”

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