इस रिसर्च के लिए वैज्ञानिकों ने 2003 से 2023 तक के सैटेलाइट डेटा, जमीन पर किए गए माप और एटमॉस्फेरिक मॉडल का इस्तेमाल किया. रिसर्च के मुताबिक, पिछले दो दशकों में धूल में कमी तो आई है, लेकिन वैज्ञानिक अभी यह पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं कि इसके पीछे असली वजह क्या है. Photo: PTI
