साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान डीन एल्गर ने प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है. 39 वर्षीय एल्गर मौजूदा काउंटी चैम्पियनशिप सीजन के खत्म होते ही क्रिकेट के सभी प्रारूपों से विदाई ले लेंगे. करीब डेढ़ दशक लंबे करियर के दौरान उन्होंने साउथ अफ्रीका की टेस्ट टीम को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई और दुनिया के भरोसेमंद टेस्ट ओपनरों में अपनी जगह बनाई.
डीन एल्गर ने साउथ अफ्रीका के लिए 86 टेस्ट मैचों में 35.92 की औसत से 5347 रन बनाए, जिसमें 14 शतक और 23 अर्धशतक शामिल हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 199 रन रहा, जो उन्होंने 2017 में बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था. उनकी बल्लेबाजी की पहचान आक्रामक शॉट्स से ज्यादा मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य के साथ लंबी पारी खेलने की रही. एल्गर ने साउथ अफ्रीका के लिए 8 ओडीआई मुकाबले भी खेले, जिसमें उनके नाम पर 17.33 के एवरेज से 104 रन दर्ज हैं.
भारत के खिलाफ खेला फेयरवेल टेस्ट
डीन एल्गर ने 2012 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था. 12 साल तक साउथ अफ्रीका की टेस्ट टीम का अहम हिस्सा रहने के बाद उन्होंने 2024 की शुरुआत में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा. भारत के खिलाफ केपटाउन में खेले गए टेस्ट में उन्हें चोटिल टेम्बा बावुमा की जगह कप्तानी का जिम्मा मिला था.
यह उनका आखिरी टेस्ट था और उन्होंने इसे यादगार बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखा. तब डीन एल्गर ने 185 रनों की शानदार पारी खेलकर साउथ अफ्रीका को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचाया था. मेजबान टीम ने वो टेस्ट पारी से जीता और सीरीज 1-1 से बराबर की.
इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास के बाद डीन एल्गर ने काउंटी क्रिकेट में अपनी दूसरी पारी शुरू की. टेस्ट क्रिकेट के सीमित होते शेड्यूल को देखते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे खेलने की संभावनाएं कम होती देखीं और इंग्लैंड में एसेक्स का रुख किया. एसेक्स में उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी मिली. टीम में वह एलेस्टेयर कुक की जगह लेने पहुंचे थे, जिन्होंने 2023 में क्रिकेट को अलविदा कहा था. एल्गर ने काउंटी क्रिकेट में भी अपनी उपयोगिता साबित की.
2024 में एसेक्स से जुड़ते ही डीन एल्गर ने शानदार शुरुआत की. उन्होंने तब काउंटी चैम्पियनशिप सीजन में 1000 से ज्यादा रन बनाए और क्लब के बैटर ऑफ द ईयर चुने गए. टी20 ब्लास्ट 2024 में भी उन्होंने 300 से अधिक रनों का योगदान दिया. इससे पहले वह समरसेट और सरे के लिए भी काउंटी क्रिकेट खेल चुके थे. घरेलू और इंटरनेशनल क्रिकेट का लंबा अनुभव होने के कारण एसेक्स के ड्रेसिंग रूम में भी उनकी भूमिका अहम रही.
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