रिक्रूटर एक रिज्यूमे को दूसरे से बेहतर क्यों मानते हैं? इसका कारण केवल आपका अनुभव नहीं है बल्कि CV में दी गई आपकी जानकारी है. वह आपसे जुड़ी जानकारी को कितनी आसानी से ढूंढ पाते हैं. इसलिए रिज्यूमे का सही स्ट्रक्चर बहुत जरूपी होता है. साल 2026 में हायरिंग प्रोसेस में एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में नौकरी चाहने वालों के लिए चुनौती है कि वे अपने रिज्यूमे को सिर्फ तकनीकी शब्दों से न भरें, बल्कि उसे अलग और प्रभावी भी बनाएं. लिंक्डइन की 2026 टैलेंट रिसर्च के अनुसार, 93% रिक्रूटर इस साल एआई का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना बना रहे हैं. वहीं, 59% भर्तीकर्ताओं का कहना है कि एआई पहले से ही उन्हें ऐसे उम्मीदवारों को खोजने में मदद कर रहा है, जिनके जरूरी कौशल उन्हें पहले आसानी से नहीं मिल पाते थे.
कैसे करें शुरुआत?
रिज़्यूमे में नाम के नीचे केवल रिज्यूमे लिखने के बजाय अपनी प्रोफेशनल पहचान और मुख्य स्किल्स बताएं. इससे भर्ती करने वाले को शुरुआत में ही पता चल जाता है कि आप कौन हैं और किस पद के लिए आवेदन कर रहे हैं. इसके बाद 3–4 लाइनों में खुद से जुड़े छोटा सा प्रोफेशनल इंट्रो दें. इसमें आपका अनुभव, प्रमुख स्किल और करियर का लक्ष्य स्पष्ट रूप से शामिल होना चाहिए.
स्किल है सबसे खास हिस्सा
रिज़्यूमे का अनुभव वाला पार्ट सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. इसमें केवल अपनी जिम्मेदारियां लिखने के बजाय यह बताएं कि आपने वास्तव में क्या काम किया और क्या हासिल किया. उदाहरण के लिए सोशल मीडिया अकाउंट संभाले लिखने के बजाय लिखें कि तीन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट मैनेज किया और ऑडियंस एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए कैंपेन चलाए. इस तरह से लिखने से रिक्रूटर पर अच्छा इम्प्रेशन बनता है.
केवल लिस्ट नहीं बनाए…
इसके साथ ही रिज्यूमे में केवल स्किल की लिस्ट बनाकर दे देना काफी नहीं है. इस प्रदर्शित करने की भी कोशिश करें. इसमें आप उन्हें बताए कि आपने अपनी स्किल का यूज कब और कैसे किया.
फ्रेशर्स के लिए अहम है CV
नए ग्रेजुएट्स के लिए शिक्षा, इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट्स और संबंधित प्रमाणपत्रों को ज्यादा महत्व दें. वहीं, अनुभवी लोगों के लिए शिक्षा की जानकारी संक्षिप्त रखें और नौकरी से जुड़े नए प्रमाणपत्रों या कोर्स को प्राथमिकता दें.
—- समाप्त —-
