14 जून, 1775 को अमेरिका में कॉन्टिनेंटल कांग्रेस ने संयुक्त उपनिवेशों की सेवा के लिए कुशल राइफलधारियों की भर्ती शुरू की थी. इस भर्ती को अमेरिकी सेना की स्थापना माना जाता है. इसके एक साल बाद 4 जुलाई, 1776 को अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा हुई और एक वर्ष से भी अधिक समय पहले बनी अमेरिकी सेना को अमेरिका की पहली राष्ट्रीय संस्था के रूप में मान्यता दी गई. तब से लेकर आजतक यूएस आर्मी का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है.
अमेरिका की आजादी की घोषणा के पहले कॉन्टिनेंटल कांग्रेस ने रेजोल्यूशन पास किया कि पेंसिल्वेनिया में छह, मैरीलैंड में दो और वर्जीनिया में दो कुशल राइफलधारियों की कंपनियां तुरंत गठित की जाएं. प्रत्येक कंपनी, जैसे ही पूरी हो जाए, बोस्टन के पास सेना में शामिल होने के लिए मार्च करे और वहां उस सेना के मुख्य अधिकारी की कमान के तहत लाइट इंफेट्री सेना के रूप में तैनात की जाए.
इस प्रस्ताव के साथ , कांग्रेस ने न्यू इंग्लैंड ऑब्जर्वेशन आर्मी को अपनाया, जिससे यह कॉन्टिनेंटल आर्मी बन गई थी. इन सैनिकों को क्रांतिकारी युद्ध में ब्रिटिश आक्रमण से 13 अमेरिकी उपनिवेशों की रक्षा करने का दायित्व सौंपा गया था. प्रस्ताव पारित होने के एक दिन बाद, कांग्रेस ने सर्वसम्मति से जॉर्ज वाशिंगटन को , जो एक मजबूत सैन्य रिकॉर्ड वाले वर्जीनिया निवासी थे. उन्हें नई सेना का कमांडर-इन-चीफ चुना गया. वाशिंगटन ने 19 जून, 1775 को यह पदभार ग्रहण किया. ब्रिटिश सेना पर औपनिवेशिक सेना को जीत दिलाने के बाद, उन्हें 1789 में नए राष्ट्र का पहला राष्ट्रपति चुना गया.
सेना की सबसे पहली शाखा पैदल सेना थी। दो दिन बाद, 16 जून, 1775 को, एडजुटेंट जनरल कोर, इंजीनियर कोर, वित्त कोर और क्वार्टरमास्टर कोर का गठन हुआ. पांच महीने बाद, 17 नवंबर को आर्टिलरी का गठन हुआ. इसके बाद 12 दिसंबर को घुड़सवार सेना बनाई गई. जुलाई 1775 में तीन विशेष शाखाएं भी शुरू हुईं. 27 जुलाई को सेना चिकित्सा विभाग और 29 जुलाई को पादरी और जज एडवोकेट जनरल कोर की स्थापना हुई.
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