टेलीग्राम, बैंक ट्रांजेक्शन और सॉल्वर गैंग… CBI जांच में NEET पेपर लीक को लेकर बड़ा खुलासा – neet ug 2026 paper leak mastermind pune lecturer cbi remand copy ntc ksrj


देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के रद्द होने के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. ‘आजतक’ के हाथ लगी सीबीआई की एक्सक्लूसिव रिमांड कॉपी से साफ हुआ है कि यह पेपर लीक एक सोची-समझी बड़ी साजिश का हिस्सा था, जिसमें टेलीग्राम ऐप से लेकर लाखों रुपये के बैंक ट्रांजैक्शन तक शामिल थे. 

सीबीआई ने इस पूरे खेल के मुख्य साजिशकर्ता (किंगपिन) और पुणे के एक केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है.सीबीआई के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी पीवी कुलकर्णी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था.

इसी वजह से उसके पास 3 मई को होने वाली परीक्षा के प्रश्नपत्रों का एक्सेस था. आरोप है कि कुलकर्णी ने एक गुप्त ट्यूशन सेशन के दौरान कई परीक्षार्थियों को यह पेपर लीक कर दिया था.

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कड़ियों से कड़ियां जुड़ीं, ऐसे लीक हुआ पेपर
सीबीआई की रिमांड कॉपी के अनुसार, इस रैकेट में कई किरदार शामिल थे:

मनीषा लोखंडे और धनंजय लोखंडे: आरोपी धनंजय निवृत्ति लोखंडे ने सह-आरोपी मनीषा लोखंडे से नीट परीक्षा सामग्री (पेपर) हासिल की.

शुभम वाघमारे और शुभम खैरनार: धनंजय ने यह पेपर पुणे के शुभम वाघमारे के जरिए आगे शुभम मधुकर खैरनार तक पहुंचाया.

टेलीग्राम का इस्तेमाल: 29 अप्रैल 2026 (परीक्षा से चार दिन पहले) को यश यादव नाम के आरोपी को शुभम मधुकर खैरनार के जरिए टेलीग्राम पर लीक हुए पेपर की PDF फाइलें मिलीं.

6 लाख का ट्रांजैक्शन: सीबीआई को जांच के दौरान शुभम खैरनार और उसके रिश्तेदारों के बीच करीब 6 लाख रुपये के संदिग्ध बैंकिंग लेन-देन के पुख्ता सबूत और बैंक स्टेटमेंट मिले हैं.

सीबीआई का मानना है कि इस साजिश में उम्मीदवार, संस्थान, बिचौलिए और कुछ सरकारी कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने सबूत मिटाने और धोखाधड़ी करने का काम किया.

‘गेस पेपर’ के नाम पर खेल, मैच हुएसवाल
इस मामले की शुरुआत सबसे पहले राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने की थी. जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले छात्रों को एक ‘गेस पेपर’दिया गया था. जब इस गेस पेपर की पड़ताल की गई तो अधिकारी भी दंग रह गए. इस कथित गेस पेपर में कुल 281 सवाल थे, जिनमें से नीट परीक्षा के बायोलॉजी के सभी 90 और केमिस्ट्री के सभी 45 सवाल हूबहू मैच कर गए.

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आम आदमी पार्टी का हमला
नीट परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की तारीख आने के बाद देश के 22 लाख छात्रों में भारी आक्रोश और चिंता है. इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने तीखा हमला बोला है.

अनुराग ढांडा ने कहा, “मोदी सरकार जिस तरह से NEET परीक्षा को लेकर बर्ताव कर रही है, उससे युवाओं के मन में संदेह और भी बढ़ रहा है. परीक्षाएं अचानक रद्द करके कहा गया कि दोबारा परीक्षा होगी. लेकिन क्या मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार हो गया है? क्या राजनीतिक संरक्षण प्राप्त शीर्ष अधिकारी जेल में हैं? निचले स्तर के लोगों को पकड़कर खानापूर्ति की जा रही है. NTA एक महीने बाद फिर परीक्षा कराएगा, लेकिन इस बात की क्या गारंटी है कि इस बार भी पेपर दोबारा नहीं बिकेंगे? मोदी सरकार 22-23 लाख छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है.”

आपको बता दें कि 3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा को पेपर लीक के भारी विवाद के बाद एनटीए (NTA) ने मंगलवार, 12 मई को रद्द करने का फैसला किया था. अब सीबीआई इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस रैकेट के तार और कहां-कहां जुड़े हैं.

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