दिल्ली में सांस लेने लायक हवा! नीतियां फेल, लेकिन बादलों ने धो दिया प्रदूषण, जानिए इस चमत्कार की इनसाइड स्टोरी – delhi rain air quality aqi good category monsoon pollution NTC AGKP


दिल्ली में 9 जुलाई को इस साल का सबसे अच्छा एयर क्वालिटी इंडेक्स दर्ज किया गया. दोपहर के समय AQI 48 पर पहुंच गया, जो ‘अच्छी’ श्रेणी में आता है. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के मुताबिक 2026 में यह पहला मौका है जब दिल्ली की हवा अच्छी श्रेणी में रही. 

इससे पहले ऐसा दिन 10 सितंबर 2023 को आया था. खास बात यह है कि यह सुधार किसी सरकारी योजना या नीति की वजह से नहीं बल्कि भारी बारिश की वजह से हुआ.

दिल्ली में हवा की सफाई शायद ही कभी होती है. साल 2026 में अब तक एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब पीएम 2.5 कणों का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की तय सुरक्षित सीमा के भीतर रहा हो. 

साल 2024 में दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी रही थी, जहां पीएम 2.5 का औसत स्तर 108 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था. यह विश्व स्वास्थ्य संगठन की बताई गई सीमा से 20 गुना ज्यादा है.

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वैज्ञानिक बताते हैं कि बारिश की बूंदें हवा में मौजूद बारीक प्रदूषक कणों से टकराकर उन्हें अपने साथ जमीन पर ले आती हैं. इस प्रक्रिया को गीला निक्षेपण कहा जाता है. साथ ही बारिश सड़कों और निर्माण स्थलों की धूल को भी दबा देती है, और तेज मानसूनी हवाएं बचे हुए प्रदूषण को बिखेर देती हैं. इस हफ्ते दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र पर 24 घंटे में 72.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो इतनी ज्यादा थी कि हवा को साफ कर सकी.

दिलचस्प बात यह है कि हल्की बारिश हवा को साफ करने के बजाय उसे और खराब भी कर सकती है. शोध बताते हैं कि नमी भरे मौसम में बारीक कण फैलने लगते हैं, इसलिए सिर्फ भारी और लगातार बारिश ही असरदार सफाई करती है.

हालांकि यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है. मानसून के जाते ही सर्दियों की शांत हवाएं और तापमान का उलटफेर वापस लौटेंगे, जिससे प्रदूषण फिर से जमीन के पास फंसने लगेगा. ट्रैफिक, उद्योग और कचरा जलाने से होने वाला प्रदूषण अभी भी वैसा ही बना हुआ है.

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