‘नौटंकी मत करना, चुपचाप फोन इधर लाना…’, IAS अफसर के सख्त तेवर, दफ्तर से गायब कर्मचारियों में मचा हड़कंप – deoria dm IAS madhusudan hulgi surprise inspection rampur karkhana block staff absent lcln


उत्तर प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है. ताजा मामला देवरिया जिले के रामपुर कारखाना ब्लॉक का है, जहां मंगलवार सुबह ठीक 10 बजे जिलाधिकारी (DM) मधुसूदन हुलगी के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया. ब्लॉक के 16 कर्मचारी और अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के अपने कर्तव्यों से अनुपस्थित पाए गए. डीएम ने इस घोर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी अनुपस्थित कर्मियों का वेतन रोकने और उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के सख्त निर्देश दिए हैं.

DM मधुसूदन हुलगी जब सुबह 10 बजे रामपुर कारखाना ब्लॉक परिसर पहुंचे, तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था. मौके पर सिर्फ ADO पंचायत चंद्रभूषण मणि उपस्थित मिले. डीएम ने जब उनसे पंचायत सेक्रेटरी की उपस्थिति के बारे में पूछा, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला.

इसके बाद डीएम ने एडीओ पंचायत से कहकर सीधे पंचायत सेक्रेटरी को फोन मिलवाया. फोन उठते ही सेक्रेटरी ने दावा किया कि वह फील्ड में हैं, लेकिन जब डीएम ने कड़ाई से पूछताछ की तो पोल खुल गई. सेक्रेटरी साहब क्षेत्र या पंचायत भवन में होने के बजाय अपने घर पर आराम फरमा रहे थे. सबसे बड़ी बात यह थी कि उन्होंने अपने मूवमेंट के संबंध में एडीओ पंचायत को कोई लिखित या मौखिक सूचना भी नहीं दी थी. 

‘नौटंकी मत करना, चुपचाप फोन इधर लाना’
निरीक्षण के दौरान ब्लॉक मिशन मैनेजर (BMM) और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) भी अपनी सीट से नदारद थे. एक अन्य बीएमएम को जब डीएम ने अनुपस्थित अधिकारी को फोन लगाने के लिए कहा, तो वह थोड़ा हिचकिचाने लगा.

इस पर जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया और उन्होंने सख्त लहजे में फटकार लगाते हुए कहा, ”नौटंकी मत करना, फोन लगाकर चुपचाप इधर लाना.” जिलाधिकारी के इस सख्त और तल्ख तेवर को देखकर ब्लॉक परिसर में मौजूद अन्य कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए. देखें VIDEO:- 

प्रगति रिपोर्ट पर मौन रहे अधिकारी

सरकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान भी ब्लॉक की बेहद खराब स्थिति सामने आई. जब डीएम मधुसूदन हुलगी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की प्रगति रिपोर्ट मांगी, तो संबंधित पटल के अधिकारी कोई संतोषजनक या स्पष्ट उत्तर नहीं दे सके. हद तो तब हो गई जब ग्रामीण रोजगार की सबसे बड़ी योजना ‘मनरेगा’ के कार्यों की प्रगति बताने के लिए ब्लॉक पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद ही नहीं था.

सुधार लाएं, वरना होगी कार्रवाई
मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी मधुसूदन हुलगी ने बताया कि रामपुर कारखाना ब्लॉक के निरीक्षण में अधिकतर अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए हैं, जो शासकीय नियमों का खुला उल्लंघन है.

डीएम ने 16 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते हुए कहा, ”सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है और तत्काल प्रभाव से उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं. सभी को अंतिम चेतावनी दी गई है कि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं, समय से कार्यालय में उपस्थित रहें और ब्लॉक पर आने वाले आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका निपटारा करें. यदि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा मिली, तो इससे भी बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.”

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