परमाणु ठिकानों की जांच पर फिर उलझे अमेरिका और ईरान… डोनाल्ड ट्रंप बोले- बात नहीं मानी तो बातचीत तुरंत बंद – us iran nuclear inspections hormuz strait talks sanctions negotiations Pezeshkian vs trump NTC AGKP


ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु जांच को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. ईरान कह रहा है कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को बमबारी वाली परमाणु साइटों पर जाने का कोई प्रोग्राम तय नहीं है, जबकि अमेरिका का दावा है कि जांच को लेकर सब कुछ पहले से तय हो चुका है. 

इस बीच होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हजारों जहाजों के क्रू मेंबर्स को बाहर निकालने का प्लान भी शुरू हो गया है. साथ ही ईरान के राष्ट्रपति पाकिस्तान पहुंचे और लेबनान में इजरायल की फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई है.

अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को इस बात पर असहमति सामने आई कि तेहरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर यूएन की जांच को मानने की हामी भरी है या नहीं. यह विवाद तब हुआ जब ईरान के राष्ट्रपति पाकिस्तानी मध्यस्थों से मिल रहे थे और अमेरिका और ईरान की तकनीकी टीमें स्विट्जरलैंड में बातचीत कर रही थीं.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका द्वारा पिछले साल बमबारी की गई परमाणु साइटों की जांच के लिए कोई समय तय नहीं हुआ है. उन्होंने अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के एक दिन पहले के बयान को खारिज कर दिया. 

दूसरी तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान जांच के लिए तैयार नहीं हुआ तो वे बातचीत तुरंत बंद कर देंगे, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जांच शुरू करने में जल्दबाजी नहीं है.

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ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण मकसद के लिए है, हालांकि उसके पास इतना ज्यादा एनरिच्ड यूरेनियम है जिससे परमाणु बम बनाया जा सकता है. पिछले हफ्ते दोनों देशों के बीच एक डील हुई थी जिसमें ईरान अपने यूरेनियम स्टॉक को कम करेगा और अमेरिका प्रतिबंध हटाएगा. दोनों पक्षों को बड़ी डील के लिए 60 दिन का समय मिला है.

इस बीच इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 11 हजार क्रू मेंबर्स को बाहर निकालने का प्लान शुरू हो गया है.

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात की. यह जंग शुरू होने के बाद उनकी पहली पाकिस्तान यात्रा थी. उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते में मिसाइल प्रोग्राम का कोई जिक्र नहीं है. 

स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत में ईरान और अमेरिका ने प्रतिबंध हटाने, परमाणु मुद्दे, पुनर्निर्माण और निगरानी जैसे विषयों पर अलग-अलग ग्रुप बनाए हैं.

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