खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार की प्राथमिकता के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने फास्ट फूड चेन, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक निरीक्षण व प्रवर्तन कार्रवाई की. लखनऊ, नोएडा और गोरखपुर में कुल 152 टीमों ने 233 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया. जांच के दौरान सामने आई कमियों पर 163 सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताओं वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निलंबित करते हुए खाद्य प्रतिष्ठान को बंद कराया गया.
लखनऊ में 78 प्रतिष्ठानों की जांच
लखनऊ में 52 टीमों ने 78 फूड कोर्ट और फास्ट फूड प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया. यहां 42 सुधार नोटिस जारी किए गए. विभागीय जांच में कई स्थानों पर खाद्य पदार्थों के रखरखाव, स्वच्छता, कच्चे और पके भोजन के अलग-अलग भंडारण व खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन में कमियां सामने आईं.
निरीक्षण के दौरान सबवे, शालीमार गेटवे, आलमबाग में पर्याप्त ड्रेनेज व्यवस्था और हाइजीन/सैनेटरी कंडीशंस संतोषजनक नहीं पाई गईं. परिसर में रोडेंट इन्फेस्टेशन और खाद्य पदार्थों के कंटैमिनेशन की स्थिति सामने आने पर प्रतिष्ठान का खाद्य कारोबार बंद कराया गया.
गोली वड़ा पाव, आर्क बलेनो में रोडेंट की उपस्थिति, अस्वच्छ परिस्थितियां और दीवारों और खाद्य पदार्थों में फंगस पाए जाने पर प्रतिष्ठान को बंद कराए जाने की संस्तुति की गई. वहीं बीकानेरवाला, फन मॉल में खाद्य पदार्थों में फंगस, परिसर में रोडेंट, दुर्गंध, ग्रेवी कॉन्टेमिनेशन और वाटर लॉगिंग जैसी गंभीर कमियां मिलीं. इसके चलते प्रतिष्ठान बंद कराया गया तथा उसकी अनुज्ञप्ति निलंबित की गई.
नोएडा में रसोई की बदहाली उजागर
नोएडा में 57 टीमों ने 71 प्रतिष्ठानों की जांच की और 42 सुधार नोटिस जारी किए. कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियां पाई गईं.
विभाग के अनुसार, कुछ रसोइयों में फंगस, चूहों की मौजूदगी, गंदगी, एक्सपायर्ड नॉनवेज और अस्वच्छ परिस्थितियां सामने आईं. जांच में मोती महल डिलक्स, निहाऊ, पंजाबी ढाबा-61, कैसल बारबेक्यू, रोड हाउस, पैडी हॉस्पिटैलिटी/रोलिंग फ्रेश, द येलो चिली, मिनिस्ट्री ऑफ दारू, टेस्ट ऑफ दिल्ली एवं जायका, ईट क्लब, एब्सोल्यूट बारबेक्यूज, कार्निवल फूड डिलाइट व येलो चिली रेस्टोरेंट समेत 13 प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू की गई है.
इन प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों के गलत तापमान पर रखे जाने, कच्चे और पके भोजन के साथ-साथ रखे जाने, गंदे बर्तन, अस्वच्छ रसोई, कीट नियंत्रण की कमी, एक्सपायर्ड सामग्री और खाद्य पदार्थों के अनुचित भंडारण जैसी कमियां दर्ज की गईं.
गोरखपुर में 84 प्रतिष्ठानों पर जांच
गोरखपुर में 43 टीमों ने 84 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया. यहां 79 सुधार नोटिस जारी किए गए. विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों को सुधार के लिए समय दिया जाएगा.
निर्धारित अवधि में कमियां दूर नहीं होने पर लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण और अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी. खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण, वैध लाइसेंस, गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल और निर्धारित तापमान पर खाद्य पदार्थों के रखरखाव के निर्देश दिए हैं. विभाग ने कहा है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
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