Headlines

बैड कोलेस्ट्रॉल दे सकता है हार्ट अटैक, लेकिन गुड कोलेस्ट्रॉल बचाएगा जान, इसको कैसे बढ़ाएं, डॉक्टरों से जानें – Cholesterol balance heart health good bad hdl ldl india tvisa


दिल की बीमारियां आज दुनिया भर में मौत का सबसे बड़ा कारण बन चुकी हैं. हार्ट डिजीज की एक मुख्य वजह बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल है. भारत में हर 4 में से व्यक्ति में यह तय मानक से ज्यादा  है. एक्सपर्ट बताते हैं कि शरीर में टोटल और बैड कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना खतरनाक होता है. यह हार्ट अटैक का कारण बन सकता है. ऐसे में इनको तय मानक से कम रखना जरूरी है. 

कोलेस्ट्रॉल मुख्य रूप से लिवर में बनता है. यह शरीर का एक ऐसा फैट पदार्थ है, जिसकी शरीर को हार्मोन बनाने, विटामिन डी के निर्माण और सेल्स के विकास के लिए जरूरत होती है. लेकिन शरीर में टोटल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा शरीर में अगर 200 mg/dL और बैड कोलेस्ट्रॉल 130  mg/dL से अधिक हो जाए तो यह दिल की सेहत के लिए खतरा हो सकता है. 

गुड और बैड कोलेस्ट्रॉल में क्या अंतर है

दिल्ली सरकार के राजीव गांधी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग में डॉ. अजीत जैन ने इस बारे में बताया है. डॉ जैन कहते हैं कि शरीर में मौजूद लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन ( LDL) को बैड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है. वहीं, हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन ( HDL) को गुड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है. यह शरीर में मौजूद ज्यादा कोलेस्ट्रॉल को वापिस लिवर तक पहुंचाता है, इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है. लेकिन अगर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल अधिक मात्रा  में है तो यह हार्ट की नसों में प्लाक बनाकर  खून के रास्ते को संकरा कर सकते हैं. इससे हार्ट अटैक आने का रिस्क होता है. जिन लोगों को अटैक आता है, उनमें नसों में प्लाक या खून का थक्का बना हुआ मिलता है. 

यह भी पढ़ें: कोलेस्ट्रॉल कितना बढ़ने पर होती है दवा की जरूरत? कब सिर्फ डाइट और एक्सरसाइज से होगा कम, डॉक्टरों से जानें

क्यों जरूरी है गुड कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना?

डॉ जैन कहते हैं कि अक्सर लोग सोचते हैं कि बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करना ही काफी है, लेकिन ऐसा नहीं है. शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है. सामान्य तौर पर पुरुषों में गुड कोलेस्ट्रॉल  40 mg/dL या उससे अधिक जरूरी है. अगर ये 60 mg/dL या उससे अधिक है तो और भी फायदेमंद है. इसलिए जब भी कोई व्यक्ति अपनी लिपिड प्रोफाइल टेस्ट की रिपोर्ट देखे तो यह जरूर ध्यान रखें कि गुड कोलेस्ट्रॉल कम तो नहीं है. अगर ये कम है तो उसको बढ़ाएं. इसके लिए कुछ चीजों को फॉलो कर सकते हैं.

गुड कोलेस्ट्रॉल को कैसे बढ़ाएं

इस बारे में मेदांता हार्ट सेंटर में कार्डियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार ने बताया है. डॉ तरुण कहते हैं कि गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के लिए जरूरी है कि आप अपनी डाइट में हेल्दी फैट को शामिल करें. इसके लिए अखरोट, जैतून का तेल, बादाम, अलसी के बीज खाना शुरू करें. अगर नॉन वेज खाते हैं तो फिर सेल्मन मछली बहुत फायदेमंद है. अपनी डाइट में फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज को शामिल करें. इस बात का भी ध्यान रखें कि कुछ चीजों को खाने से बचें. जैसे तली- भुनी चीजें, रेड मीट और पैकेज्ड स्नैक्स. यह सब चीजें शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती हैं. 

यह भी पढ़ें: ’39 से ज्यादा 45 की उम्र में फिट हूं…’, IAS का गजब ट्रांसफॉर्मेशन, खुद शेयर किया फिटनेस और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल का जादुई फॉर्मूला

स्मोकिंग छोड़ें

डॉ तरुण कहत हैं कि लोगों को लगता है कि स्मोकिंग केवल लंग्स को नुकसान करती है, लेकिन यह हार्ट को भी नुकसान करती है. अगर आप स्मोकिंग करते हैं तो इसको छोड़ने की कोशिश करें. इसको कम करते हैं तो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है. 

वजन कम करें

बढ़ता वजन भी गुड कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है. अगर आपका वेट अधिक है तो इसको कम करे. इसके लिए रोजाना एक्सरसाइज करें. कोशिश करें कि दिन में कम से कम आधा घंटा कोई न कोई व्यायाम जरूर करें. 

17 की उम्र के बाद ही कराना शुरू करें ब्लड टेस्ट

डॉ तरुण कहते हैं कि कार्डियोलॉजी सोसायटी ऑफ इंडिया की नई गाइडलाइन आई हैं. इनमें कहा गया है कि अब 17 साल की उम्र के बाद ही ब्लड टेस्ट कराने चाहिए. इसमें लिपिड प्रोफाइल टेस्ट भी जरूरी है. इससे कम उम्र में पता चल जाएगा कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ तो नहीं है. अगर बढ़ा है तो डॉक्टर की सलाह से इसको कम किया जा सकता है. 

 

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *