मथुरा में आयोजित ‘पंचायत आजतक’ के मंच पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिली. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया और सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जमाई ने राम मंदिर,श्रीकृष्ण जन्मभूमि, बांके बिहारी कॉरिडोर, विकास कार्यों और तुष्टिकरण की राजनीति को लेकर एक-दूसरे पर जोरदार राजनीतिक हमले किए.
श्री कृष्ण जन्मभूमि पर सपा और बीजेपी में भिड़ंत
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि जैसे अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना है, उसी तरह संवैधानिक और न्यायिक तरीके से मथुरा में भी भगवान श्री कृष्ण का भव्य मंदिर बनेगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भगवान शिव और श्री कृष्ण का आशीर्वाद है और न्यायपालिका में चल रहे इस मामले में अंततः हिंदुओं की ही जीत होगी.
गौरव भाटिया ने सपा पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष सुबह उठकर खुद को ‘यदुवंशी’ बताता है, लेकिन मंदिर के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नहीं करता. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ के सामने 100 अखिलेश यादव भी आ जाएं, तो 2027 ही नहीं, 2033 और 2035 का चुनाव भी भाजपा ही जीतेगी. विपक्षी ‘टूटी साइकिल’ का चुनाव में पता भी नहीं चलेगा.
बीजेपी प्रवक्ता पर सपा ने साधा निशाना
सपा प्रवक्ता अमीक जमाई ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा की नजर मथुरा के गोस्वामी समाज के 500 करोड़ रुपये पर है. उन्होंने आरोप लगाया कि बांके बिहारी कॉरिडोर के नाम पर धार्मिक स्थलों का व्यवसायीकरण किया जा रहा है और अयोध्या के बाद अब भाजपा की ‘डाकू’ नजरें मथुरा पर टिकी हैं.
अमीक जमाई ने कहा कि मथुरा में जितने बड़े विकास कार्य और रोड बने हैं, वे अखिलेश यादव की सरकार में बने थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने स्थानीय समस्याओं जैसे हर साल यमुना में आने वाली बाढ़, गंदे पानी की समस्या और युवाओं के लिए पेपर लीक के मुद्दे पर कोई ठोस काम नहीं किया है.
अयोध्या की तरह मथुरा भी मुक्त होगा-जैन
हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने ऐतिहासिक तथ्यों का जिक्र करते हुए कहा कि 1670 (1617) में औरंगजेब ने हमारे मूल मंदिर को तोड़कर वहां ढांचा खड़ा किया था. बाद में 1815 में मराठों और फिर पंडित मदन मोहन मालवीय के प्रयासों से इस भूमि के ऐतिहासिक महत्व को पुनर्स्थापित किया गया. उन्होंने दावा किया कि हिंदू पक्ष ने कानूनी लड़ाई में अग्निपरीक्षा पार कर ली है.
विष्णु शंकर जैन ने स्पष्ट किया कि मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर 1991 का ‘प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट’ लागू नहीं होता. मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. उन्होंने विश्वास जताया कि कोर्ट द्वारा एडवोकेट कमिश्नर सर्वे की प्रक्रिया पूरी होते ही सच्चाई सामने आ जाएगी और हिंदू पक्ष अदालत के जरिए ही अपनी भूमि को मुक्त कराएगा. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वहां मस्जिद थी, तो कंस का कारागार और पौराणिक अवशेष वहां कैसे मिल रहे हैं?
वारिस पठान और AIMIM का पलटवार
AIMIM नेता वारिस पठान ने हिंदू पक्ष के दावों को खारिज करते हुए इसे 1991 के कानून का उल्लंघन बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी लाभ के लिए जानबूझकर अदालती प्रक्रियाओं के जरिए देश के माहौल को गरमाने की कोशिश की जा रही है और 1991 के कानून की भावना से खिलवाड़ किया जा रहा है.
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