रूस में यूक्रेन की ओर से ड्रोन हमले हुए हैं. मॉस्को में इन हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत की खबर सामने आई है. जानकारी के अनुसार, मॉस्को तेल रिफाइनरी के पास ड्रोन हमले हुए, जिनमें 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं. हालांकि हमले से रिफाइनरी प्लांट की तकनीकी व्यवस्था को नुकसान नहीं पहुंचा है.
इस बीच रूस ने भी यूक्रेन पर 1500 से ज्यादा ड्रोन दागकर अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया था.
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने खुद हमले की जानकारी दी थी. ड्रोन हमलों के साथ-साथ रूस ने कई मिसाइलें भी दागीं. रूस का मुख्य निशाना यूक्रेन की हवाई सुरक्षा प्रणाली को कमजोर करना, बिजली ढांचे को तबाह करना और रणनीतिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाना माना गया था.
बता दें, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कुछ दिन पहले कहा था कि मुझे लगता है यूक्रेन की लड़ाई अब अंत की ओर बढ़ रही है. लेकिन इसके बावजूद हमले जारी हैं.
अमेरिका का फोकस ईरान युद्ध पर
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोकस ईरान में चल रहे संघर्ष पर है. हालांकि, उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि अमेरिका और वहां की जनता के लिए यूक्रेन में शांति स्थापित करना अब भी प्राथमिकता है.
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस की बढ़ती आक्रामकता को लेकर दुनिया को गंभीर चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि इस युद्ध ने वैश्विक स्तर पर युद्ध की तकनीक और लड़ाई के तरीकों को बेहद खतरनाक रूप से बदल दिया है. जेलेंस्की के मुताबिक, रूस के लगातार हमलों ने तबाही और मौतों के पैमाने को बढ़ा दिया है.
उन्होंने खास तौर पर ड्रोन तकनीक को सबसे बड़ा खतरा बताया था. जेलेंस्की ने कहा कि रूस जिस तरीके से तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है, वह केवल यूक्रेन के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की नई चुनौती है.
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