यमन पर सऊदी के हवाई हमले, खाड़ी देशों की तेल सप्लाई को लेकर बढ़ी चिंता – saudi arabia yemen conflict red sea shipping oil supply risk ntc acwi


सऊदी अरब और यमन के ईरान-समर्थित हूतियों के बीच गुरुवार को नए हमले हुए. इसके साथ ही, मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष अब लाल सागर के इलाके में भी तेज होता दिख रहा है. लड़ाई बढ़ने के कारण बड़ी संख्या में यमनी लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ रहा है. वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में शिपिंग प्रभावित होने से दुनिया भर में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. 

हूती नियंत्रित टेलीविज़न ने बताया कि सऊदी अरब ने यमन के हज्जा प्रांत में और दक्षिण में ताइज़ के आस-पास के इलाकों में हवाई हमले किए. वहीं, सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया कि सऊदी अरब में रहने वाले एक यमनी नागरिक की मौत हो गई. ताइफ़ के ऊपर रोके गए एक ड्रोन का मलबा ज़मीन पर गिरने के कारण यह घटना हुई. पिछले हफ्ते लड़ाई बढ़ने के बाद सऊदी अरब में हूती हमलों से हुई यह पहली मौत बताई जा रही है. सऊदी अरब पहले ही इन हमलों में 80 से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी दे चुका है.  

वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नेवी की ओर से बताया गया कि टोगो के झंडे वाले एक ऑयल टैंकर में आग लग गई. यह टैंकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने की कोशिश कर रहा था. ईरान ने इस रास्ते को गैर कानूनी बताया. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, बाद में टैंकर को रोक दिया गया. 

इस बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य और लाल सागर में रुकावटें आ रही हैं. लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच का संकरा रास्ता, बाब अल-मंदेब, खाड़ी देशों के एक्सपोर्ट और ग्लोबल शिपिंग के लिए एक अहम रास्ता है.

यमन से जिबूती भागे लोग 

लड़ाई दोबारा तेज होने के कारण यमन के आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. ऐसे में, कुछ लोग छोटी नावों के जरिए बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पार कर जिबूती पहुंच रहे हैं. 

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इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर माइग्रेशन (IOM) के मुताबिक, ताज़ा लड़ाई की वजह से 1 लाख से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं. इनमें ज्यादातर लोग यमन के भीतर ही हैं. जबकि हज़ारों लोगों ने समुद्र पार किया है. 

50 साल की वाहिदा ओमर भी यमन से लाल सागर पार करके जिबूती पहुंचीं. उनके गांव धुबाब पर हमला हुआ था. उन्होंने IOM को बताया कि यह सफर बहुत डरावना और मुश्किल था. 

हूतियों ने दावा किया है कि सऊदी अरब ने हाल के दिनों में सैकड़ों हवाई हमले किए हैं. बुधवार को, हूतियों ने सऊदी F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराने का भी दावा किया, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है. 

तेल की सप्लाई बढ़ा खतरा

लड़ाई बढ़ने का असर वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर भी पड़ रहा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर, दोनों ही दुनिया के लिए महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते हैं. 

यह तनाव तब बढ़ा है जब होर्मुज़ जलडमरूमध्य से शिपिंग पर काफी पाबंदियां लगी हैं. शुरुआती ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से सिर्फ तीन कमर्शियल जहाज गुजरे. यह पिछले 10 दिनों के करीब 17 जहाजों के औसत से काफी कम है. वहीं, बबा-अल-मंदेब से गुजरने वाले जहाजों की संखऱ्या भी 24 से घटकर 21 रह गई. 

गुरुवार को तेल की कीमतों में थोड़ी कमी आई, लेकिन वे 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहीं. ब्रेंट क्रूड 104.82 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 101.91 डॉलर पर बंद हुआ.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूतियों के खिलाफ सैन्य मदद के लिए सऊदी अरब की मांग को ठुकरा दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान के खिलाफ दोबारा हमला करने या नहीं करने को लेकर बड़ा फैसला लेना है. 

जून में हुए एक अंतरिम समझौते के कुछ ही हफ़्तों में टूट जाने के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू नहीं हुई है. अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, अगले हफ़्ते यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली में होने वाली चर्चाओं में इस संघर्ष का मुद्दा उठने की उम्मीद है. इसमें ईरानी प्रतिनिधिमंडल को शामिल होने की अनुमति दी जाएगी.

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