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‘लोगों को मेरी आंखें इरफान खान की याद दिलाती हैं’, बोले ‘राख’ के ‘बाबू’ आकाश मखीजा – Raakh Babu Akash Makhija says fans said his eyes reminded them of Irrfan khan tmovg


मुंबई की मायानगरी में हर रोज हजारों आंखें आंखों में सपने लिए कदम रखती हैं, लेकिन सफलता की कहानी चंद लोग ही लिख पाते हैं. एक्टर आकाश मखीजा के लिए भी यह सफर आसान नहीं था. पूरे 14 सालों तक उन्होंने वही किया जो संघर्ष कर रहा हर एक्टर करता है-रोज ऑडिशन देना, घंटों इंतजार करना, रिजेक्शन झेलना और फिर अगले दिन नए हौसले के साथ खड़े हो जाना. लेकिन कहते हैं ना कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती. आकाश के साथ ठीक वैसा ही हुआ.

ओटीटी सीरीज ‘राख’ (Raakh) का हिस्सा बनने का मौका मिला और रातों-रात इस एक्टर ने भारतीय स्ट्रीमिंग की दुनिया में तहलका मचा दिया. शो में ‘बाबू’ के उनके खौफनाक किरदार ने दर्शकों को इस कदर हिलाकर रख दिया है कि आज हर कोई इस शानदार कलाकार के बारे में जानने के लिए बेताब है. इंडिया टुडे के साथ एक खास बातचीत में आकाश ने अपने इस 14 साल के लंबे संघर्ष और ‘बाबू’ बनने की दिलचस्प कहानी शेयर की है.

अचानक छा गया ‘बाबू’ का खौफ
सीरीज ‘राख’ में ‘बाबू’ के रूप में आकाश मखीजा की एक्टिंग ने दर्शकों को अंदर तक झकझोर दिया है. उनका यह किरदार लोगों को परेशान भी करता है, हैरान भी करता है और कई मौकों पर गुस्सा भी दिलाता है. सालों तक इंडस्ट्री में ‘वो एक्टर जिसे कहीं देखा है’ की पहचान रखने वाले आकाश आज सोशल मीडिया और गूगल सर्च पर सबसे ज्यादा ट्रेंड करने वाले चेहरे बन चुके हैं. अपने इस नए दौर को लेकर आकाश कहते हैं, ‘यह सब कुछ थोड़ा जादुई और अवास्तविक सा लगता है. मैं अभी भी इस सफलता को समझने की कोशिश कर रहा हूं. मैं अक्सर अपने फोन पर नोटिफिकेशन देखता रहता हूं और जब घरवाले टोकते हैं, तो मैं कहता हूं कि यहां तक पहुंचने के लिए बहुत लंबा इंतजार किया है. हालांकि, मैं जानता हूं कि यह वक्त हमेशा नहीं रहेगा, इसलिए मैं इसका मजा तो ले रहा हूं, लेकिन इसमें बहना नहीं चाहता.’

14 साल तक झेला रिजेक्शन का दर्द
एक मिडिल-क्लास परिवार से आने वाले आकाश के लिए बिना किसी तय आमदनी के मुंबई जैसे शहर में टिके रहना बेहद मुश्किल था. उन्होंने बताया कि इस सफर में उन्होंने कई बड़े त्याग किए. जब वे रोज ऑडिशन लाइनों में खड़े होकर रिजेक्शन का सामना कर रहे थे, तब उनके साथ के दोस्त अपनी जिंदगी में सेटल हो रहे थे और आगे बढ़ रहे थे. आकाश ने कहा, ‘इतने उतार-चढ़ाव के बाद भी हार मान लेना कभी मेरे लिए कोई ऑप्शन ही नहीं था, क्योंकि मेरे पास कोई प्लान B नहीं था. मुझे बस एक्टिंग करनी थी. मैं लगातार काम करता रहा और उसी एक बड़े मौके का इंतजार कर रहा था, जो आखिरकार मुझे ‘राख’ के रूप में मिला.’

खूंखार अपराधियों को पढ़ने के बजाय जानवरों से ली प्रेरणा
‘बाबू’ जैसे साइको और डरावने किरदार को निभाने के लिए आकाश ने किसी पुराने रंगा-बिला जैसे क्रिमिनल केस को फॉलो नहीं किया. इसके बजाय, उन्होंने क्रिमिनल साइकोलॉजी को समझने और इस कैरेक्टर को बिल्कुल नए सिरे से तैयार करने पर जोर दिया.  आकाश के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि ‘बाबू’ को ऑन-स्क्रीन बेहद खौफनाक दिखाना था, लेकिन साथ ही उसे दिखने में बिल्कुल नॉर्मल भी रखना था- एक ऐसा लड़का जो आपके पड़ोस में ही रहता हो और जिस पर कोई शक न कर सके.

इरफान खान  से होने लगी तुलना
आकाश की परफॉर्मेंस की सबसे बड़ी खासियत उनकी आंखें बनी हैं. आज दर्शक उनकी आंखों की तुलना दिवंगत महान एक्टर इरफान खान से कर रहे हैं. इस तारीफ से गदगद आकाश कहते हैं, ‘लोग कह रहे हैं कि मेरी आंखें इरफान सर की याद दिलाती हैं, जो बिना कुछ बोले ही बहुत कुछ कह जाती हैं. यह बात सीधे मेरे दिल को छू गई. इसके अलावा लोग मेरी तुलना ‘संघर्ष’ के आशुतोष राणा और ‘रमन राघव’ के नवाजुद्दीन सिद्दीकी से भी कर रहे हैं. ये वो दिग्गज हैं जिन्हें देखकर मैंने एक्टिंग की एबीसीडी सीखी है, इसलिए इनके साथ एक ही लाइन में मेरा नाम आना ही मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है.’

जहां एक तरफ आकाश को इस रोल के लिए चौतरफा तारीफें मिल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ दर्शक उनके किरदार ‘बाबू’ से इस कदर नफरत कर बैठे हैं कि उन्हें जान से मारने की धमकियां तक दे रहे हैं. इस मजेदार एक्सपीरियंस पर आकाश हंसते हुए कहते हैं, ‘शुरुआत में यह अजीब था, लेकिन सच कहूं तो यह भी मेरी एक्टिंग के लिए एक तरह की तारीफ ही है कि लोग उस किरदार को बिल्कुल सच मान बैठे हैं.’

800 लोगों को पछाड़कर मिला था रोल
‘बाबू’ का यह आइकॉनिक रोल आकाश को इतनी आसानी से नहीं मिला था. जब इस रोल के ऑडिशन चल रहे थे, तब आकाश छत्तीसगढ़ में अपने एक दूसरे प्रोजेक्ट ‘ग्राम चिकित्सालय’ की शूटिंग कर रहे थे. वहीं से उन्होंने अपना पहला ऑडिशन वीडियो भेजा था. बाद में उन्हें पता चला कि इस रोल के लिए करीब 800 एक्टर्स ने टेस्ट दिया था. जब उन्हें दूसरे राउंड के लिए बुलाया गया, तो वे छत्तीसगढ़ से पहली फ्लाइट पकड़कर मुंबई पहुंचे. वह टॉप शॉर्टलिस्ट में तो आ गए थे, लेकिन आखिरी वक्त पर मेकर्स ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया था. हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था; कुछ दिनों बाद मेकर्स ने अपने फैसले पर दोबारा विचार किया और आकाश को वापस बुलाकर ‘बाबू’ का यह यादगार रोल सौंप दिया.

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