जल जीवन मिशन के तहत उत्तर प्रदेश ने किसी भी अन्य राज्य से ज्यादा ग्रामीण नल कनेक्शन जोड़े हैं, भले ही राज्य का कुल कवरेज प्रतिशत अभी राष्ट्रीय औसत तक पहुंचने की कोशिश में है.
15 अगस्त 2019 को राष्ट्रीय स्तर पर शुरू हुए जल जीवन मिशन (JJM) का मकसद था भारत के हर ग्रामीण घर तक नल से पानी पहुंचाना. देश में सबसे ज्यादा ग्रामीण परिवारों वाला राज्य होने के नाते, उत्तर प्रदेश इस कोशिश के केंद्र में रहा है. पैमाने के लिहाज से भी, और अभी बाकी बची दूरी के लिहाज से भी.
राष्ट्रीय तस्वीर
- अगस्त 2019 में लॉन्च के समय, भारत के करीब 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से सिर्फ 3.23 करोड़ (करीब 16.7%) के पास नल कनेक्शन था.
- जनवरी 2026 के अंत तक, राष्ट्रीय कवरेज 15.79 करोड़ परिवारों यानी 81.57% तक पहुंच चुका था.
- मार्च 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने “JJM 2.0” फ्रेमवर्क के तहत इस मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने को मंजूरी दी, जिसमें कुल 8.69 लाख करोड़ रुपये का बढ़ा हुआ बजट शामिल है.
उत्तर प्रदेश की प्रगति
मार्च 2025 तक, उत्तर प्रदेश ने 2.36 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को नल के पानी से जोड़ दिया था, और राज्यभर में करीब 5,07,479 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी थी, इस अवधि में, संख्या के हिसाब से, उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा नए फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन देने वाला राज्य बताया गया है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र के साथ मिलकर, इस मिशन को पूरा करने के लिए करीब 28,000 करोड़ रुपये खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसका लक्ष्य है 2028 तक सभी 2.62 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक पहुंचना. राज्य ने चल रही परियोजनाओं की गांव-स्तर पर लाइव मॉनिटरिंग के लिए “जल सारथी” मोबाइल ऐप अपनाया है.
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