100 किमी पियर वर्क, 7 माउंटेन टनल, 36 ब्रिज… बुलेट ट्रेन के 135.45 KM महाराष्ट्र सेक्शन ने भी पकड़ी रफ्तार – mumbai ahmedabad bullet train 135 km elevated section 7 tunnels 36 bridges dpmx smsr


मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट तेजी से आकार ले रहा है. ठाणे से महाराष्ट्र-गुजरात बॉर्डर तक करीब 135.45 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड सेक्शन पर निर्माण कार्य आगे बढ़ चुका है. इस हिस्से में 124.027 किलोमीटर वायाडक्ट और ब्रिज शामिल हैं. शिलफाटा से जरोली गांव तक फैला यह सेक्शन देश के पहले हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का अहम हिस्सा है.

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ पर इस सेक्शन में चल रहे निर्माण कार्यों की ताजा जानकारी शेयर की. उन्होंने ठाणे और पालघर के अलग-अलग हिस्सों में जारी इंजीनियरिंग और सिविल वर्क्स की प्रोग्रेस रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी. इसी कॉरिडोर पर पिछले सप्ताह ठाणे के शिलफाटा में एक महत्वपूर्ण टनल ब्रेकथ्रू भी हासिल किया गया था.

ठाणे, विरार और बोइसर में एलिवेटेड स्टेशन

इस सेक्शन में ठाणे, विरार और बोइसर में तीन एलिवेटेड बुलेट ट्रेन स्टेशन बनाए जा रहे हैं. ठाणे स्टेशन का कॉनकोर्स जमीन से करीब 12 मीटर की ऊंचाई पर बनाया जा रहा है. इसके पीछे प्रमुख उद्देश्य इको-सेंसिटिव क्षेत्र में मौजूद मैंग्रोव्स को सुरक्षित रखना है.

100 किमी से ज्यादा हिस्से में पियर का काम

निर्माण के मोर्चे पर पियर का काम 100 किलोमीटर से अधिक हिस्से में आगे बढ़ चुका है. करीब 74 किलोमीटर के पियर्स वायाडक्ट गर्डर्स की इंस्टॉलेशन के लिए तैयार हैं. महाराष्ट्र में 9 कास्टिंग यार्ड, 7 फुल-स्पैन लॉन्चिंग गैन्ट्री और 8 SBS लॉन्चिंग गैन्ट्री फिलहाल ऑपरेशनल हैं. इनका इस्तेमाल वायाडक्ट और ब्रिज के निर्माण को तेजी से आगे बढ़ाने में किया जा रहा है.

सेक्शन में 7 माउंटेन टनल, 3 की खुदाई पूरी

इस सेक्शन में कुल 7 माउंटेन टनल का निर्माण किया जा रहा है. इनमें से 3 टनल में ब्रेकथ्रू हासिल किया जा चुका है. जिन हिस्सों में खुदाई पूरी हो चुकी है, वहां अब ड्रेनेज, वॉटरप्रूफिंग और टनल लाइनिंग जैसे काम किए जा रहे हैं.

3 नदियों पर बनाए जा रहे छोटे-बड़े 36 ब्रिज

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के इस हिस्से में कई बड़ी नदियों पर ब्रिज बनाए जा रहे हैं. उल्हास नदी पर 460 मीटर, वैतरणा नदी पर 232 मीटर और जगानी नदी पर 510 मीटर लंबा ब्रिज प्रस्तावित है. पूरे सेक्शन में कुल 36 ब्रिज और क्रॉसिंग होंगी. इनमें 12 स्टील ब्रिज शामिल हैं, जिन्हें प्रमुख रेलवे लाइनों, उल्हास नदी, मुंबई-नाशिक हाईवे और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर बनाया जा रहा है.

शिलफाटा में NATM से टनल ब्रेकथ्रू

ठाणे के शिलफाटा में हाल ही में हासिल किया गया टनल ब्रेकथ्रू भी इस प्रोजेक्ट की अहम उपलब्धियों में शामिल है. यह काम न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) से किया गया. इस तकनीक में खुदाई के दौरान आसपास की चट्टान और जमीन को नेचुरल सपोर्ट के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. इसके साथ ही खुदाई किए गए हिस्से को मजबूत करने के लिए कंक्रीट का स्प्रे किया जाता है.

शिलफाटा टनल इस हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के Package C2 का हिस्सा है और इसका निर्माण Afcons Infrastructure Ltd कर रही है. इस ब्रेकथ्रू के साथ मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के ठाणे-पालघर सेक्शन में निर्माण गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है.

कई मोर्चों पर एक साथ चल रहा काम

ठाणे से महाराष्ट्र-गुजरात बॉर्डर तक इस सेक्शन में अब निर्माण सिर्फ पियर या वायाडक्ट तक सीमित नहीं है. स्टेशन, टनल, ब्रिज, गर्डर और लॉन्चिंग सिस्टम पर एक साथ काम चल रहा है, जो यह बताता है कि देश के पहले हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का यह हिस्सा तेजी से जमीन पर आकार ले रहा है. आने वाले चरण में इस सेक्शन पर टनलिंग, गर्डर लॉन्चिंग, स्टेशन निर्माण और ब्रिज से जुड़े कामों में और तेजी आने की उम्मीद है.

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