‘मेरे पति को डेहरी विधायक ने जान से मरवाया है. वह रोज फोन करता था. कभी 25 लाख तो कभी 50 लाख रुपये मांगता था. मिलने के लिए बुलाता था. मेरे पति कहते थे कि हम कोई गलत काम नहीं करते, पैसा कहां से दें.’ डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की पत्नी के इन गंभीर आरोपों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं डेहरी से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह ने इस आरोपों को निराधार बताया है. दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि इस हत्याकांड का खुलासा हो चुका है और ड्राइवर मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी इस मामले में सरकार पर हमलावर हैं.
विमल कुमार की पत्नी ने मीडिया के सामने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि डेहरी के विधायक उनके पति को लगातार फोन करते थे. कभी 25 लाख तो कभी 50 लाख रुपये की मांग की जाती थी. उनके मुताबिक विधायक अक्सर मिलने के लिए बुलाते थे. पत्नी ने दावा किया कि वह कई बार फोन पर होने वाली बातचीत खुद भी सुनती थीं, हालांकि उनके पति उन्हें पूरी बात नहीं बताते थे. उनका साफ आरोप है कि “मेरे पति को डेहरी विधायक ने जान से मरवाया है.
आखिर विधायक और EO के बीच विवाद क्या था
इस पूरे विवाद की एक पृष्ठभूमि भी सामने आई है. जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले डेहरी विधानसभा से विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह ने बिहार विधानसभा में कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार के खिलाफ मुद्दा उठाया था. उन्होंने संबंधित मंत्री से शिकायत करते हुए कहा था कि कार्यपालक पदाधिकारी तीन करोड़ रुपये के कार्यालय में बैठते हैं, लेकिन उनकी कोई बात पूरी नहीं करते. बाद में मानसून सत्र के दौरान भी उन्होंने EO के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे.
कैसे हुई थी EO विमल कुमार की हत्या
डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की औरंगाबाद जिले के बारुण क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई. शुरुआती सूचना में गोली लगने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में शरीर पर गंभीर चोटों और मारपीट के निशान मिलने की जानकारी आई. घटना के बाद औरंगाबाद और रोहतास पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की.
पुलिस का दावा- ड्राइवर ने ही की हत्या
मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि जांच में कार्यपालक पदाधिकारी के निजी ड्राइवर मिथिलेश कुमार की भूमिका सामने आई है. उनके अनुसार, ड्राइवर छुट्टी नहीं मिलने और अधिक काम से मानसिक रूप से परेशान था. रास्ते में विवाद हुआ, जिसके बाद उसने गाड़ी में रखी लोहे की रॉड से हमला कर विमल कुमार की हत्या कर दी. बाद में घटना को दूसरा रूप देने के लिए गाड़ी को पानी में उतार दिया और खुद फोन कर अपराधियों द्वारा हमला किए जाने की कहानी बताई.
तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा निशाना
इस हत्याकांड के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विमल कुमार के अंतिम संस्कार में पहुंचकर परिजनों और अन्य कार्यपालक अधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने विमल कुमार की पत्नी से फोन पर भी बात की और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. तेजस्वी यादव ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है. उनका आरोप है कि सत्ताधारी पक्ष का एक विधायक अधिकारी से पैसे की मांग करता है और बाद में उसकी हत्या हो जाती है. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में विधायक की संलिप्तता की बातें सामने आ रही हैं और एनडीए का विधायक होने के कारण उसे बचाने की कोशिश हो रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस जल्दबाजी में असली अपराधी को छोड़कर विधायक को बचाने में लगी है.
आरोपों पर विधायक सोनू सिंह की सफाई
पत्नी के गंभीर आरोपों के बाद डेहरी से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह मीडिया के सामने आए और उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. विधायक ने कहा कि उनकी पूरी संवेदना दिवंगत EO विमल कुमार के परिवार के साथ है. उन्होंने बताया कि हत्या से एक दिन पहले डेहरी में आयोजित ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में उनकी विमल कुमार से मुलाकात हुई थी और दोनों के बीच सामान्य बातचीत भी हुई थी.
उन्होंने किसी भी तरह के विवाद या तनाव से साफ इनकार किया. विधायक ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते वह आम लोगों के काम के लिए कभी-कभी EO को फोन जरूर करते थे, लेकिन इसका कोई दूसरा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए. मृतक की पत्नी द्वारा 25 लाख और 50 लाख रुपये मांगने के लगाए गए आरोपों को भी उन्होंने पूरी तरह खारिज कर दिया. उनका कहना है कि वह इस तरह की बातें कर ही नहीं सकते. सोनू सिंह ने आरोप लगाया कि नगर परिषद की राजनीति के तहत कुछ लोग उन्हें बदनाम करने के लिए इस दुखद घटना का सहारा ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
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