यूरोपीय दौरे के आखिरी पड़ाव पर इटली पहुंचे प्रधानमंत्री, जानिए क्यों खास है मोदी-मेलोनी की द्विपक्षीय मुलाकात – pm narendra modi italy visit bilateral talks giorgia meloni meeting ntc ksrj


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के व्यापक यूरोपीय दौरे के आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर मंगलवार शाम इटली पहुंच गए हैं. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के विशेष निमंत्रण पर हो रहा यह दौरा पीएम मोदी का इटली का पहला आधिकारिक द्विपक्षीय दौरा है.

रणनीतिक और कूटनीतिक रूप से बेहद खास माने जा रहे इस दौरे के दौरान पीएम मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से मुलाकात करेंगे, प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और दोनों देशों के दिग्गज उद्योगपतियों (CEOs) से संवाद करेंगे. इसके अलावा वे वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के मुख्यालय का भी दौरा करेंगे.

विदेश मंत्रालय (MEA) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, साल 2023 के बाद से दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच यह 8वीं मुलाकात होगी, जो भारत और इटली के बीच मजबूत होते रिश्तों की गवाही देती है. मार्च 2023 में मेलोनी की भारत यात्रा और फिर जी-20 शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी ने इस दोस्ती की मजबूत नींव रखी थी. अब इस दौरे के जरिए दोनों नेता ‘संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29’ के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और रक्षा, आतंकवाद के खिलाफ फंडिंग रोकने तथा नए क्षेत्रों में सहयोग के रोडमैप को अंतिम रूप देंगे.

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₹1.3 लाख करोड़ का व्यापार, अब 2029 तक बड़ा लक्ष्य
यूरोपीय संघ (EU) में इटली इस समय भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बनकर उभरा है. साल 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 14.25 बिलियन यूरो (करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है. अब दोनों देशों ने साल 2029 तक इसे बढ़ाकर 20 बिलियन यूरो करने का एक बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. 

इटली की कंपनियों ने भारत में 3.66 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है, तो वहीं ‘टाटा मोटर्स’ द्वारा इटली के ‘इवेको ग्रुप’ (Iveco Group) का अधिग्रहण किए जाने के बाद से भारतीय कंपनियों का हौसला भी यूरोप में बढ़ा है.

डिफेंस, एआई और 2.5 लाख भारतीयों का साथ
डिफेंस और सुरक्षा:
दोनों देश अब सैन्य उपकरणों के सह-विकास (Co-development) और सह-उत्पादन (Co-production) की संभावनाएं तलाश रहे हैं. हाल ही में इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने भी भारत का दौरा किया था.

अत्याधुनिक तकनीक: क्वांटम टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन हाइड्रोजन और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में ‘सहयोग कार्यक्रम 2025-27’ के तहत कई संयुक्त प्रोजेक्ट्स पर मुहर लगेगी.

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भारतीय समुदाय: इटली में करीब 1.87 लाख से 2.5 लाख भारतीय रहते हैं, जो यूरोपीय संघ में सबसे बड़ा भारतीय प्रवासियों का समूह है. ‘माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट’ के जरिए दोनों देशों के नागरिकों और छात्रों (वर्तमान में 5100+ छात्र) के लिए रास्ते और आसान बनाए जा रहे हैं.

इसके अतिरिक्त, इटली अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और भारत के नेतृत्व वाले मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEEC) में भी विशेष दूत नियुक्त कर सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जिससे यह दौरा वैश्विक चुनौतियों पर आपसी तालमेल बढ़ाने में गेम-चेंजर साबित होगा.

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