सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में सोमवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए. नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ से जुड़े एक बिल्डर के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि बिल्डर ने एक ही फ्लैट की कई-कई लोगों के नाम रजिस्ट्री कर दी. शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए और कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए.
सोमवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं. इस दौरान भूमि विवाद, अवैध कब्जे, धमकी, अपराध और बिल्डरों से जुड़े कई मामले उनके सामने आए. जनता दर्शन में पहुंचे लोगों ने मुख्यमंत्री को बताया कि नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में परियोजनाएं विकसित करने वाले एक बिल्डर ने कथित तौर पर एक ही फ्लैट की रजिस्ट्री कई अलग-अलग लोगों के नाम कर दी. शिकायतकर्ताओं का कहना था कि इससे बड़ी संख्या में खरीदार आर्थिक और कानूनी परेशानी का सामना कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि यदि जांच में बिल्डर दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाया जाए.
जनता दर्शन में सुनीं प्रदेशभर से आई शिकायतें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए फरियादियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की. उन्होंने हर शिकायत को ध्यान से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए. जनता दर्शन में कई लोगों ने जमीन पर अवैध कब्जे और दबंगों द्वारा धमकी दिए जाने की शिकायत भी मुख्यमंत्री के सामने रखी. मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों को गंभीर बताते हुए अधिकारियों से कहा कि शिकायत मिलते ही तत्काल जांच कराई जाए. यदि कोई व्यक्ति अवैध कब्जे या धमकी देने का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि किसी भी नागरिक की जमीन पर अवैध कब्जा न हो और पीड़ितों को समय पर न्याय मिले.
अपराधियों के लिए यूपी में कोई जगह नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग अवैध कब्जा करते हैं, लोगों को धमकाते हैं या कानून व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का राज बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा.
विवेचना में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अपराध और भूमि विवाद से जुड़े मामलों की जांच में तेजी लाने पर भी जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों की विवेचना समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो. उन्होंने यह भी कहा कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
बिल्डरों से जुड़े मामलों पर सरकार की नजर
हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश के कई शहरों, खासकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में बिल्डरों से जुड़े विवाद सामने आते रहे हैं. फ्लैट की देरी से डिलीवरी, रजिस्ट्री में अनियमितता, अतिरिक्त वसूली और परियोजनाओं में पारदर्शिता की कमी जैसी शिकायतें समय-समय पर उठती रही हैं. ऐसे में जनता दर्शन के दौरान एक ही फ्लैट की कथित तौर पर कई लोगों के नाम रजिस्ट्री किए जाने की शिकायत सामने आने के बाद मुख्यमंत्री का तत्काल जांच का निर्देश देना महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में प्राप्त सभी शिकायतों को संबंधित विभागों और शासन के अधिकारियों को भेजते हुए कहा कि हर मामले की निष्पक्ष जांच की जाए. उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बरती जाए और पीड़ितों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें.
पीड़ितों को न्याय दिलाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता आम नागरिकों को न्याय दिलाना है. उन्होंने कहा कि यदि बिल्डर या कोई अन्य व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है और लोगों के साथ धोखाधड़ी करता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. जनता दर्शन में सामने आए इस मामले के बाद अब निगाहें जांच पर टिकी हैं. यदि आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित बिल्डर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है, वहीं फ्लैट खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई है.
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