अमेरिका और ईरान के बीच टकराव एक बार फिर तेज हो गया है. जुलाई की शुरुआत में ईरान ने होर्मुज में कुछ व्यापारिक जहाजों पर हमला किया, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए. इन हमलों में हवाई सुरक्षा प्रणाली, मिसाइल अड्डे और नौसैनिक ठिकाने निशाना बने.
जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर और जॉर्डन में अमेरिकी और सहयोगी ठिकानों पर हमले किए, हालांकि कई मिसाइलें बीच रास्ते में ही रोक दी गईं.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सीजफायर अब खत्म हो चुका है, लेकिन साथ ही उन्होंने बातचीत फिर शुरू करने पर सहमति भी जताई. इस बातचीत में कतर मध्यस्थता कर रहा है. ट्रंप की मांग है कि ईरान को पूरी तरह खोले, जहाजों पर हमले बंद करे और अपने पास मौजूद यूरेनियम भंडार सौंप दे. ईरान ने कहा है कि उसने बातचीत की कोई मांग नहीं की और वह अपनी शर्तों पर कायम है.
गाजा में पिछले साल के आखिर में हुआ सीजफायर किसी तरह बना हुआ है, लेकिन इजरायल ने अपनी सैन्य कार्रवाइयों से गाजा के करीब पैंसठ फीसदी हिस्से पर नियंत्रण बना लिया है, जबकि पहले यह लगभग पचास फीसदी था. इजरायली सेना ने हाल ही में फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के कई कमांडरों को मार गिराया. हमास पूरी तरह हथियार डालने से इनकार कर रहा है, और आम नागरिकों के हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं.
