PoK में दमन के बाद शाहबाज के बदले सुर, प्रदर्शनकारियों से बातचीत की पेशकश – pok election protests shahbaz sharif talks JAAC pmln victory ntc ntyv


पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में महंगाई और विवादित चुनाव प्रक्रिया के खिलाफ दो महीने से ज्यादा वक्त से जारी विरोध प्रदर्शनों पर हुई हिंसक कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने गतिरोध खत्म करने के लिए प्रदर्शनकारियों और प्रतिबंधित अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की पेशकश की है. वहीं, पीओके में 27 जुलाई से शुरू हुई तीन चरणों की चुनाव प्रक्रिया के दौरान पीएमएल-एन (PML-N) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और नई सरकार बनने के बाद ये वार्ता प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.

शरीफ ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मुद्दे का समाधान टकराव के बजाय मेज़ पर बैठकर चर्चा के माध्यम से किया जाना चाहिए. उन्होंने प्रतिबंधित संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के साथ बातचीत के रास्ते खुले रखने का संकेत दिया है.

शरीफ़ ने कहा, ‘अगर कोई मुद्दा है, तो उसे बातचीत की मेज़ पर बैठकर और बातचीत के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए.’

अराजकता फैलाने वालों को चेतावनी

बातचीत की पेशकश के साथ ही शाहबाज शरीफ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और अराजकता फैलाने वालों के बीच स्पष्ट अंतर भी समझाया. उन्होंने कहा कि इलाके में उपद्रव और अराजकता फैलाने की मंशा रखने वाले लोगों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हालांकि, जो लोग शांति, धैर्य और सहनशीलता के साथ अपनी मांगें रखना चाहते हैं, उन्हें आने वाली नई सरकार बातचीत का पूरा अवसर प्रदान करेगी.

सनाउल्लाह ने प्रदर्शनकारियों को बताया देशभक्त

शरीफ की ये टिप्पणियां उनके करीबी सहयोगी और सलाहकार राणा सनाउल्लाह के बयानों के बाद आई हैं, जिन्होंने हाल ही में प्रदर्शनकारियों के प्रति सुलह का रवैया अपनाया था. सनाउल्लाह ने कहा कि JAAC के 99 प्रतिशत सदस्य “देशभक्त” लोग हैं. उन्होंने ये भी कहा कि PML-N के प्रतिनिधि इस समूह के सदस्यों से मिलेंगे. सनाउल्लाह ने शनिवार को एक रैली में कहा, ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी से जुड़े 99 प्रतिशत लोग हमारे देशभक्त भाई हैं.’

उन्होंने कहा कि PML-N की आने वाली सरकार पद संभालने के बाद प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेगी. उन्होंने कहा, ‘जब दो-तिहाई बहुमत के साथ PML(N) की सरकार बनेगी, तो वह (जॉइंट अवामी) एक्शन कमेटी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगी. उनका पहला काम इस मुद्दे को सुलझाना होगा.’

80 ज्यादा लोगों की मौत

पीओके में कई रिपोर्टों के अनुसार, जून में प्रदर्शन शुरू होने के बाद से अब तक 80 लोगों की जान जा चुकी है. तो दूसरी ओर  जेएएसी (JAAC) का दावा है कि चुनाव शुरू होने के बाद 40 से अधिक लोग मारे गए हैं और जून से अब तक करीब 400 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है. पाकिस्तान सरकार ने इन आंकड़ों को खारिज करते हुए इसे अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया आंकड़ा करार दिया है.

दरअसल, JAAC को समाज के विभिन्न वर्गों से समर्थन मिला है, जिनमें छात्र, व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं. क्षेत्रीय सरकार ने जून में इस समूह पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके विरोध प्रदर्शन कई मांगों पर केंद्रित रहे हैं, जिनमें POK विधानसभा में शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विवादित सीटों को खत्म करना शामिल है. समिति का आरोप है कि ये सीटें ‘एस्टेब्लिशमेंट’ (सत्ता प्रतिष्ठान) को क्षेत्रीय सरकार के गठन को प्रभावित करने का ज़रिया देती हैं.

पाकिस्तान के अधिकारियों ने पहले आरोप लगाया था कि प्रदर्शनकारियों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के सदस्य शामिल थे. इस दावे का इस्तेमाल कड़ी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए किया गया था. खबरों के मुताबिक, इन आरोपों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों की सख्ती को सही ठहराने के लिए किया गया.

PML-N की बढ़ी ताकत

वहीं, स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि POK में तीन चरणों में हो रहे चुनावों के साथ अशांति भी बढ़ गई है. इन चुनावों में धांधली, मतपेटियां लूटने, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प और चुनाव की मांग जैसे आरोप और घटनाएं सामने आई हैं. पहले दो चरण 27 जुलाई और 3 अगस्त को हुए, जिनमें PML-N एक मजबूत ताकत बनकर उभरी. नतीजों के अनुसार, पार्टी ने 45 चुनी हुई सीटों में से 25 सीटें जीती हैं.

तीसरा और आखिरी चरण सोमवार को चार सीटों के लिए होना था. सात अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया है. ये चुनाव हिंसा और चुनावी अनियमितताओं के आरोपों के बीच हुए हैं.

भारत का कड़ा रुख

एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान और संयुक्त राष्ट्र ने पीओके की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए हिंसा की जांच की मांग की है. दूसरी ओर भारत का स्पष्ट और अटूट रुख है कि संपूर्ण पीओके भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है. नई दिल्ली ने बार-बार दोहराया है कि पाकिस्तान ने इन भारतीय क्षेत्रों पर अवैध और जबरन कब्जा कर रखा है.

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