Headlight Rule: हाई-बीम से नहीं चौंधियाएंगी आंखें! हेडलाइट के लिए सरकार ला रही नया नियम – headlight high beam rules india april 2027 morth proposal auaw


रात की सड़क पर सामने से आती एक गाड़ी की हेडलाइट की रोशनी अगर आपकी आंखों में सीधे पड़ जाए, तो एक पल के लिए ऐसा लगता है जैस सड़क ही गायब हो गई. सामने क्या है, कौन है, कितनी दूरी पर है, कुछ समझ नहीं आता. अब सरकार इसी ‘चौंध’ पर लगाम लगाने की तैयारी में है. सड़क परिवहन मंत्रालय ने हेडलाइट की पावर घटाने से लेकर शहरों में बेवजह हाई बीम पर ऑडियो अलर्ट तक का प्रपोजल रखा है. यानी आने वाले समय में सड़क पर सिर्फ गाड़ी चलाने के नियम नहीं बदलेंगे बल्कि गाड़ी की हेडलाइट और रोशनी तक बदल जाएगी.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों की हेडलाइट और रात में उनकी विजिबिलिटी से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है. प्रपोजल के अनुसार दोपहिया वाहनों की मैक्सिमम हेडलाइट इंटेंसिटी को मौजूदा 1.5 लाख कैंडेला से घटाकर 1 लाख कैंडेला करने पर विचार किया जा रहा है. वहीं पैसेंजर कारों के लिए यह सीमा मौजूदा 2.25 लाख कैंडेला से घटाकर 1.5 लाख कैंडेला करने का प्रस्ताव है.

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इसका मकसद सामने से आने वाले वाहन के ड्राइवर की आंखों पर पड़ने वाली तेज रोशनी को कम करना है, खासकर रात में ड्राइविंग के दौरान. सरकार वाहन की हेडलाइट के कलर टेंपरेचर को लेकर भी नियम सख्त करने की तैयारी में है. इसके लिए मैक्सिमम कलर टेंपरेचर 6,500 केल्विन तय किए जाने का प्रस्ताव है. इससे बहुत ज्यादा तेज और चुभने वाली रोशनी को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है. 

ऑटोमैटिक हेडलैंप सिर्फ लो बीम पर

नए दोपहिया वाहनों को लेकर भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित है. नए टू-व्हीलर्स में ऑटोमैटिक हेडलैंप सिस्टम को सिर्फ लो बीम पर ही काम करेगा. इसका सीधा मकसद यह है कि बाइक चलाते समय बिना जरूरत हाई बीम का इस्तेमाल न हो और सामने से आने वाले लोगों की आंखों पर तेज रोशनी न पड़े. हालांकि, यह नियम मौजूदा दोपहिया वाहनों पर लागू नहीं होगा. यानी पहले से सड़क पर चल रही बाइक या स्कूटर के लिए इस प्रपोजल का असर नहीं पड़ेगा. 

हाई बीम पर ऑडियो अलर्ट

शहरों में बेवजह हाई बीम का इस्तेमाल रोकने के लिए सरकार ऑडियो अलर्ट सिस्टम लाने पर भी विचार कर रही है. प्रस्ताव के मुताबिक, अगर कोई वाहन चालक शहरी इलाके में वाहन चला रहा है और बिना जरूरत हाई बीम का इस्तेमाल करता है तो ये सिस्टम ड्राइवर को ऑडियो अलर्ट देगा. हालांकि, हाईवे पर इसके लिए निमय अलग होंगे. अगर वाहन की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा है तो ऑडियो अलर्ट नहीं दिया जाएगा. इसकी वजह यह है कि हाईवे पर तेज रफ्तार और सड़क की स्थिति को देखते हुए हाई बीम की जरूरत शहरों की तुलना में अलग हो सकती है.

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बस और भारी वाहनों के लिए नियम

सरकार सिर्फ हेडलाइट की रोशनी कम करने तक सीमित नहीं रहना चाहती. रात में बसों और भारी वाहनों को ज्यादा आसानी से दिखाई देने लायक बनाने के लिए रिफ्लेक्टिव टेप अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी रखा गया है. खराब मौसम, कम रोशनी और रात के समय बड़ी गाड़ियों को पहचानना कई बार मुश्किल हो जाता है. ऐसे में रिफ्लेक्टिव मार्किंग दूसरी गाड़ियों की हेडलाइट पड़ने पर चमकेगी और इससे दूर से ही पता चल सकेगा कि, सड़क पर बस या भारी वाहन चल रहा है. 

कब लागू होगा नया निमय

यहां यह ध्यान देना जरूरी है कि, अभी मंत्रालय ने ये प्रपोजल दिया है. अभी ये निमय तत्काल लागू नहीं हो रहे हैं. ऐसी संभावना है कि ये बदलाव अप्रैल 2027 से लागू हो सकता है. इसलिए इसे फाइनल रूल नहीं माना जा सकता है. मंत्रालय ने प्रस्तावित बदलावों पर संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं. इसके लिए 30 दिनों का समय तय किया गया है. इस दौरान वाहन कंपनियां और इंडस्ट्री से जुड़े लोग अपने सुझाव या आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं. 

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