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मुंबई स्पा में काम कर चुकी थी प्रियंका, पिता और वकील मिलकर चलाते थे सिंडिकेट… बस्ती के दारोगा सुसाइड केस में DIG का बड़ा खुलासा – basti police walterganj so surya prakash singh death honey trap gang arrested lcln


UP News: बस्ती जिले में वाल्टरगंज पुलिस स्टेशन के इंचार्ज सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने हनी-ट्रैप गैंग के 3 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला, उसके पिता और एक वकील शामिल हैं.

बस्ती के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DIG) संजीव त्यागी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तीनों आरोपियों को हॉस्पिटल क्रॉसिंग, बस्ती से गिरफ्तार किया गया.

दरअसल, वाल्टरगंज थाना प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह ने 29 अगस्त को अपने सरकारी आवास पर कथित तौर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी.

5 सितंबर को बेटे ने दर्ज कराई थी FIR

घटना के बाद उनके बेटे संदीप सिंह ने 5 सितंबर को बस्ती कोतवाली पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई थी, जिसमें आत्महत्या के लिए उकसाने और साजिश के तहत प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया था.
 
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान प्रियंका चौधरी (32), उसके पिता राम नयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश यादव के तौर पर हुई है.

हनी-ट्रैप का खौफनाक जाल

DIG संजीव त्यागी के मुताबिक, प्रियंका समृद्ध और रसूखदार लोगों को अपनी मीठी बातों और रोमांटिक बातचीत के जाल में फंसाती थी. इसके बाद उनके अंतरंग फोटो, वीडियो या कॉल रिकॉर्डिंग कर ली जाती थी. फिर कानूनी दांव पेच में माहिर वकील विजय प्रकाश और महिला के पिता मिलकर पीड़ित को कानूनी पचड़े और बदनामी का डर दिखाकर मोटी रकम ऐंठते थे.

पुलिस ने बताया कि प्रियंका वाल्टरगंज पुलिस स्टेशन इलाके के गंधार गांव में अपने पिता के साथ रह रही थी. वह करीब 10 साल से अपने पति से अलग रह रही थी और उसने मुंबई में ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटर में काम किया था.

पुलिस के मुताबिक, प्रियंका कथित तौर पर लोगों को जाल में फंसाती थी, जबकि उसके पिता और विजय प्रकाश बाद में ब्लैकमेल और जबरन वसूली में भूमिका निभाते थे. पुलिस ने बताया कि गैंग ने कई लोगों से पैसे ऐंठे थे.

DIG त्यागी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से सिंह और प्रियंका व विजय के बीच संपर्क की पुष्टि हुई. उन्होंने कहा कि घटना के दिन कॉल करने के पैटर्न ने इस संबंध को और मजबूत किया.

1:41 बजे का आखिरी कॉल बना अहम सुराग

पुलिस के मुताबिक, पुलिस जांच में सामने आया कि आत्महत्या वाले दिन वकील विजय प्रकाश ने दोपहर 1:41 बजे सूर्य प्रकाश सिंह को आखिरी फोन कॉल किया था. पुलिस को प्रबल आशंका है कि इस गैंग द्वारा लगातार ब्लैकमेल और मानसिक रूप से परेशान किए जाने के कारण ही अधिकारी ने यह आत्मघाती कदम उठाया.

फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है और इस गैंग के शिकार हुए अन्य संभावित पीड़ितों की शिकायतों और केस के अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है.

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