गाजियाबाद में CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के घर पथराव के दावे पर उठे सवाल! पड़ोसियों ने खोला मोर्चा – Ghaziabad Nishu Azad Stone Pelting Complaint Police Investigating Society Residents angry lclam


कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कार्यकर्ता निशु आजाद के घर पर पथराव के दावे के बाद गाजियाबाद में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र के विक्रम एंक्लेव स्थित सोसायटी में निशु आजाद के घर पर शनिवार रात पथराव किए जाने का दावा किया गया.  निशु ने रात करीब 10:48 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो जारी कर कुछ लोगों द्वारा घर को घेरने और पत्थर-ईंट फेंके जाने का आरोप लगाया. हालांकि, पुलिस की जांच में अभी तक पथराव की घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

इस बीच सोसायटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, स्थानीय पार्षद और आसपास रहने वाले कई लोगों के बयान सामने आए हैं. इन लोगों ने निशु के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सोसायटी में किसी मकान पर पथराव होता तो आसपास रहने वाले लोगों को इसकी जानकारी जरूर होती. उनका कहना है कि सोसायटी का माहौल सामान्य और सुरक्षित है तथा रात में भी लोग 11 से 12 बजे तक अपने घरों से बाहर घूमते और खाना खाने के बाद टहलते रहते हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में पथराव जैसी घटना का बिना किसी को जानकारी हुए हो जाना उन्हें असामान्य लगता है.

सोसायटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय लोगों ने स्थिति स्पष्ट की है. यहां इलाके के रहने वाले लोगों का कहना है कि सोसायटी के मुख्य गेट पर सुरक्षा गार्ड तैनात रहता है और बाहर से आने वाले लोगों की रजिस्टर में एंट्री की जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना प्रवेश दर्ज कराए किसी बाहरी व्यक्ति का सोसायटी में खासतौर पर रात के समय आना आसान नहीं है. ऐसे में वे पथराव के आरोप को लेकर पुलिस की जांच के नतीजे का इंतजार करने की बात कह रहे हैं.

एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पथराव के आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस द्वारा घटनास्थल और आसपास के हालात की जानकारी जुटाई जा रही है और पुलिस जांच अभी जारी है. स्थानीय लोगों के अनुसार निशु आजाद करीब 20 दिन पहले ही इस सोसायटी में रहने आई हैं. इससे पहले उनका परिवार किसी अन्य स्थान पर रहता था. पड़ोसियों का कहना है कि निशु के यहां रहने की जानकारी भी कई लोगों को उस समय हुई, जब एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत कई वाहनों का काफिला उनके घर पहुंचा. इसके बाद लोगों में उत्सुकता हुई और उन्हें पता चला कि निशु आजाद सोसायटी में रह रही हैं.

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में निशु से जुड़े मामले को लेकर मीडिया और राजनीतिक लोगों की आवाजाही बढ़ी है. उनका कहना है कि इससे पहले इलाका अपेक्षाकृत शांत था और अब बाहरी लोगों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय लोगों को असहजता महसूस हो रही है. कुछ लोगों ने निशु और उनके परिवार से मकान खाली कर किसी अन्य स्थान पर रहने की मांग भी की है.

निशु आजाद के पूर्व में देवी-देवताओं और प्रधानमंत्री को लेकर दिए गए बयानों को लेकर भी कुछ स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर की. उनका कहना है कि सार्वजनिक रूप से दिए गए ऐसे बयानों का असर उनके आसपास रहने वाले परिवारों पर भी पड़ सकता है. कुछ लोगों ने बच्चों के भविष्य और सोसायटी के माहौल को लेकर चिंता जताई.

एक पड़ोसी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि, “जो भगवान को भी नहीं छोड़ सकता, वह हम जैसे लोगों को कैसे छोड़ेगा?” वहीं कुछ अन्य लोगों ने कहा कि उन्हें इस बात की भी चिंता है कि कहीं भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में उन पर भी कोई आरोप न लगा दिया जाए.

हालांकि, स्थानीय लोगों द्वारा लगाए जा रहे इन आरोपों और आशंकाओं की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. कुछ लोगों ने निशु द्वारा पथराव के आरोप लगाए जाने के पीछे सोशल मीडिया पर चर्चा में आने या किसी अन्य कारण की संभावना जताई.

आपको बता दें कि निशु आजाद इससे पहले जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान भी सुर्खियों में आई थीं. उन्होंने अपने पिता संजय आजाद के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया था और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मदद की गुहार लगाई थी. इसके बाद मामला राजनीतिक और सोशल मीडिया स्तर पर चर्चा में आया. इस प्रकरण में आरोपी कंटेंट क्रिएटर स्वतंत्र भारद्वाज को शनिवार को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है.

अब गाजियाबाद में निशु के घर पर कथित पथराव के दावे ने विवाद को एक बार फिर तूल दे दिया है. एक ओर निशु और उनका पक्ष वीडियो जारी कर परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर सोसायटी के कुछ निवासी घटना से ही इनकार कर रहे हैं और निशु के यहां रहने से उत्पन्न हो रही कथित असहजता का मुद्दा उठा रहे हैं.

फिलहाल, पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या वास्तव में निशु आजाद के घर पर पथराव हुआ था या फिर आरोप के पीछे कोई दूसरा कारण है? इसका जवाब पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही सामने आएगा.

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