कपड़े धोने का पानी पिलाया, शिकायत करने पर पिटाई, आदिवासी छात्राओं ने लगाया उत्पीड़न का आरोप – Tribal Girls Allege Drinking Water Crisis assault in mulugu residential school ntc acwi


तेलंगाना के मुलुगु ज़िले से एक चौंकाने वाली खबर आ रही है. मुलुगु के वेंकटपुरम मंडल में रेजिडेंशियल स्कूल की आदिवासी छात्राओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें पीने के पानी और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है. कुछ छात्राओं ने तो यहां तक आरोप लगाया है कि उन्हें कपड़े धोने में इस्तेमाल हुआ पानी पीने के लिए मजबूर किया गया.

वेंकटपुरम में ITDA कॉलेज के पास स्थित इस रेजिडेंशियल स्कूल की छात्राओं ने स्कूल में पीने के पानी की कमी के गंभीर आरोप लगाए हैं. स्कूल के हालात के बारे में बताते हुए कुछ छात्राएं तो रो पड़ीं. उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अधिकारियों से पीने के पानी की कमी के बारे में सवाल किया, तो प्रिंसिपल ने उनके साथ मारपीट की.

छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल के वॉशरूम की हालत बहुत खराब है और परिसर से गंदा पानी बाहर बहता रहता है. उनका कहना है कि रेजिडेंशियल स्कूल में रहने वाली छात्राओं के लिए ज़रूरी कई बुनियादी सुविधाएं या तो नाकाफ़ी हैं या फिर उपलब्ध ही नहीं हैं.

छात्राओं के मुताबिक, स्कूल में रहने और पढ़ाई करने के बावजूद उनसे पानी ढोने के लिए कहा जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार स्कूल अधिकारियों को इन समस्याओं के बारे में बताया लेकिन उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया गया. 

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छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उन्हें धमकाया गया. उनका कहना है कि प्रिंसिपल अक्सर मौजूद नहीं रहते और कुछ स्टाफ सदस्य उनके साथ बुरा बर्ताव करते हैं.

इन आरोपों से छात्रों के अभिभावतकों में चिंता पैदा हो गई है. वे सवाल उठा रहे हैं कि मुलुगु ज़िला, जिसका प्रतिनिधित्व मंत्री सीताक्का करती हैं, वहां आदिवासी लड़कियों को ऐसे हालात का सामना कैसे करना पड़ सकता है. इस मामले में छात्रों के अभिभावकों ने जिला प्रशासन और संबंधित आदिवासी कल्याण अधिकारियों से तुरंत जांच करने की मांग की है. 

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