आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इसके खतरों को लेकर जारी दुनियाभर में बहस छिड़ी है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एआई को कंट्रोल करने की कोशिशों का विरोध किया है और इसे एक ‘गंदी साजिश’ करार दिया है.
उन्होंने दावा किया कि एआई के मानवता को तबाह करने की बातें पूरी तरह झूठी हैं. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि व्यापार के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी इंडस्ट्री के दिग्गज खुद ही ऐसे नियमों की मांग करें जो उन्हें बर्बादी की ओर ले जाए.
ट्रंप ने कहा, ‘एआई का दुनिया पर कब्जा कर लेना, मानवता को तबाह करना और दूसरी सभी बुरी बातें महज एक ढोंग हैं. ये रूस विवाद, यूक्रेन विवाद और महाभियोग की साजिशों जैसा ही एक नया झूठ है.’
ट्रंप ने आगे कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पहले ही कह चुके हैं कि चीन एआई की राह में कोई रोड़ा नहीं अटकाएगा. वहीं, अमेरिका में सख्त नियमों और अनुमतियों की मुश्किलों के कारण गूगल जैसी बड़ी कंपनियां फिनलैंड में बड़ा संयंत्र लगाने के बारे में सोच रही हैं.
‘मैं इस नए ढोंग का भी पर्दाफाश करूंगा’
अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक AI और डाटा सेंटर इतिहास के सबसे बड़े आर्थिक इंजन साबित होंगे. ये तेल, सोना, हीरे और इंटरनेट से भी बड़ा मार्केट बनेगा. ट्रंप ने कहा, ‘जो लोग कह रहे हैं कि एआई दुनिया को तबाह कर देगा, वो वही लोग हैं जो पहले पर्यावरण बदलाव से दुनिया खत्म होने का दावा करते थे. मैं इस नए ढोंग का भी पर्दाफाश करूंगा. रोबोट शहरों में कब्जा कर लेंगे, ये बात पूरी तरह बेबुनियाद है.’
हाल ही में ऑल्टमैन से मिले थे ट्रंप
बता दें कि OpenAI के सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में उन्होंने संतुलित नजरिए अपनाते हुए कहा कि अमेरिकी प्रतिस्पर्धा के दबाव में सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि एआई की क्षमताओं को निगरानी और कंट्रोल से आगे नहीं निकलने देना चाहिए.
सूत्रों के मुताबिक, डलास में रिपब्लिकन मिड-टर्म कन्वेंशन के दौरान ट्रंप और सैम ऑल्टमैन के बीच एक मुलाकात भी हुई थी.
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वहीं, एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग भी AI के खतरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के खिलाफ हैं. सोमवार को एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने हुआंग को फोन किया था. हुआंग ने फोन को स्पीकर पर रखा और दोनों दिग्गजों ने इस बात पर सहमति जताई कि एआई को लेकर बाजार में जरूरत से ज्यादा डर फैलाया जा रहा है. ट्रंप का मानना है कि एआई पर कड़े प्रतिबंध लगाने से सिर्फ चीन को फायदा पहुंचेगा.
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