NEET री-एग्जाम के लिए BEST ने चलाई स्पेशल बसें, हड़ताल के बीच छात्रों को राहत      – best undertaking arranged special services for students appearing re NEET ngix 


बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) ने रविवार को नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए खास सर्विस का इंतजाम किया है. उन्होंने कहा कि छात्रों को आसानी से लाने-ले जाने के लिए दिन भर में लगभग 180 बस ट्रिप चलाई जाएंगी. हालांकि, BEST कर्मचारियों की जारी हड़ताल के बावजूद छात्रों को सुरक्षित और सही समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. इस मामले में बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) ने एक बयान में कहा कि नगर निगम की ट्रांसपोर्ट सर्विस जिसके कर्मचारी शुक्रवार से हड़ताल पर हैं ने मुंबई के 63 परीक्षा केंद्रों पर जाने वाले छात्रों के लिए यह खास सर्विस प्लान की है. 

60 बसें चलाई जाएंगी

अधिकारियों ने बताया कि BEST ने शहर भर के परीक्षा केंद्रों तक छात्रों के सफर को आसान बनाने के लिए 24 रूटों पर 60 बसों का संचालन शुरू किया है. छात्रों के आसानी से आने-जाने के लिए दिन भर में लगभग 180 बस ट्रिप चलाई जाएंगी. बयान में कहा गया है कि कुर्ला, दादर, मलाड और मुलुंड जैसी अहम जगहों से अलग-अलग परीक्षा केंद्रों तक सीधी बस सर्विस दी गई है. शनिवार को BEST ने सरकारी महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (MSRTC) से 100 से अधिक बसें मांगी थीं, जिनमें BEST कर्मचारियों की हड़ताल के बीच NEET उम्मीदवारों के लिए खास सर्विस चलाने के वास्ते 60 बसें भी शामिल थीं. 

छात्रों को मिलेगा सुविधा

NEET परीक्षा देने वाले छात्रों की सुविधा के लिए BEST ने मुंबई में सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शाम 5 बजे से शाम 7 बजे तक स्पेशल बसें चलाने की योजना बनाई है. साथ ही छात्रों से अपील की गई है कि वे इस स्पेशल बस सेवा का लाभ उठाएं और सुरक्षित व समय पर अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचें. हालांकि, इन स्पेशल सेवाओं के रूट की जानकारी सुबह 10 बजे तक न तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर और न ही मीडिया को आधिकारिक तौर पर दी गई, जिससे छात्रों के लिए अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाना मुश्किल हो गया. अधिकारियों के ध्यान में यह मामला आने के बाद, रूट से जुड़ी जानकारी सुबह बाद में जारी की गई. 

हड़ताल के बावजूद बड़ा ऐलान 

BEST संयुक्त कामगार कृति समिति की बुलाई गई हड़ताल ने शुक्रवार से ही नगर निगम की बस परिवहन व्यवस्था को लगभग ठप कर दिया है, जिससे यात्रियों को रोज़ाना आने-जाने के लिए लोकल ट्रेनों, मेट्रो सेवाओं, टैक्सियों और ऑटो-रिक्शा पर निर्भर रहना पड़ रहा है. सरकार की ओर से महाराष्ट्र आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (MESMA) लागू करने और औद्योगिक अदालत के कर्मचारियों को हड़ताल न करने के अंतरिम आदेश के बावजूद यह आंदोलन जारी है. BEST के स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के साथ-साथ वेट-लीज ऑपरेटरों के ज़्यादातर कर्मचारी भी इस हड़ताल में शामिल हैं. शनिवार को हड़ताल में शामिल कर्मचारियों और वेट-लीज ठेकेदारों को MESMA के तहत नोटिस जारी किए गए. MESMA के तहत हड़ताल करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. 

रोजाना 25 लाख यात्रियों के साथ करती है सफर 

बता दें कि BEST 2,766 बसों का बेड़ा चलाती है और रोजाना लगभग 25 लाख यात्रियों को ले जाती है, जिससे यह मुंबई में सबअर्बन रेलवे नेटवर्क के बाद दूसरी सबसे बड़ी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा देने वाली संस्था बन जाती है. शुक्रवार को हड़ताल के पहले दिन केवल 48 बसें ही चलीं, जबकि रुकावट डालने और पत्थरबाजी की घटनाओं के बाद कई बसों को डिपो वापस लौटना पड़ा.

ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाइक ने शुक्रवार को यूनियन के प्रतिनिधियों और अर्बन ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट व BEST के सीनियर अधिकारियों के साथ बातचीत की लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला. शनिवार को दिन के पहले हिस्से में सड़कों पर सिर्फ चार बसें ही चलीं, जिससे यात्रियों को ट्रांसपोर्ट के दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ा. ड्राइवर, कंडक्टर और दूसरे ऑपरेशनल स्टाफ की हाजिरी भी कम रही. 

लोगों को हो रही है परेशानी 

शनिवार शाम को एक बयान में विरोध-प्रदर्शन की अगुवाई कर रही कर्मचारी यूनियनों ने कहा कि वे सरकार के साथ किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार हैं और राज्य के नेताओं से अपील की कि वे उनकी लंबित मांगों पर जल्द फैसला लें. हड़ताल की वजह से मेट्रो सेवाओं में यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई और उपनगरीय रेलवे नेटवर्क पर दबाव बढ़ गया, जबकि कई ऑफिस जाने वालों ने घर से काम करना चुना. यात्रियों ने बताया कि बसों के न चलने के कारण उन्हें टैक्सी और ऑटो-रिक्शा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा और यात्रा का खर्च भी बढ़ गया.

यूनियन नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई पक्का वादा नहीं करती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. इन मांगों में BEST के बजट को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के बजट में मिलाना, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना, रिटायर हो चुके कर्मचारियों के बकाया का निपटारा करना, ट्रांसपोर्ट और बिजली के कामों में कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को खत्म करना और वेट-लीज बसों के कर्मचारियों को BEST में शामिल करना शामिल है. 

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