लखनऊ के चर्चित अलीगंज अग्निकांड मामले में आरोपी सुरेंद्र प्रसाद शुक्ला को अदालत से बड़ा झटका लगा है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश मलखान सिंह ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. अदालत ने मामले की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की दलीलों को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया.
अभियोजन पक्ष के अनुसार जिस इमारत में भीषण आग लगी थी, उसमें सुरेंद्र प्रसाद शुक्ला की हिस्सेदारी है. इस अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक जलकर मौत हो गई थी. जांच के दौरान सामने आया कि संबंधित भवन का संचालन आवश्यक कानूनी मंजूरियों और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना किया जा रहा था. आरोप है कि नियमों की अनदेखी और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही के कारण ही यह बड़ा हादसा हुआ.
सुनवाई के दौरान अभियोजन ने अदालत के समक्ष रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध रिकॉर्ड आरोपी की भूमिका की ओर संकेत करते हैं. साथ ही यह भी माना कि संबंधित परिसर का संचालन आवश्यक कानूनी अनुमति और सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना किया जा रहा था, जिससे गंभीर परिणाम सामने आए.
अग्निकांड में 15 लोगों की गई थी जान
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इतने गंभीर मामले में अग्रिम जमानत दिए जाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं बनता. इसलिए सुरेंद्र प्रसाद शुक्ला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की जाती है. गौरतलब है कि अलीगंज अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था. हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की थी.
जांच में भवन निर्माण, संचालन और सुरक्षा व्यवस्थाओं में कई कथित अनियमितताएं सामने आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई. अब अदालत के इस फैसले को मामले की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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