अल नीनो से सूखे का खतरा! गृहमंत्री अमित शाह बोले- हालात पर सरकार की नजर – amit shah meeting over el nino impact india drought alert ntc dhrj


देश के कई हिस्सों में सामान्य से काफी कम बारिश होने और जुलाई में भी कमजोर मानसून के अनुमान के बीच केंद्र सरकार सतर्क हो गई है. गृहमंत्री अमित शाह ने हालात की समीक्षा करते हुए कहा कि अल नीनो के असर से पैदा हो रहे संभावित सूखे के खतरे पर सरकार लगातार नजर रख रही है. उन्होंने सभी संबंधित मंत्रालयों को राज्यों के साथ मिलकर काम करने और किसानों की मदद के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

अमित शाह ने शुक्रवार को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान देश में कम बारिश के हालात के साथ ही उसके असर और आगे की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में यह बात साफ कही गई कि जहां भी पानी की किल्लत है, वहां किसानों तक सही सलाह समय पर पहुंचे, जिससे फसलों का नुकसान कम से कम हो.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अमित शाह ने कहा कि सरकार अल नीनो की वजह से कम बारिश और संभावित सूखे की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने सभी मंत्रालयों से राज्यों के साथ बेहतर तालमेल रखने को भी कहा.

किसानों के लिए दिए खास निर्देश

बैठक में कृषि मंत्रालय को निर्देश दिया गया कि जिन इलाकों में बारिश कम है, वहां किसानों को ऐसी फसलों की जानकारी दी जाए, जिन्हें कम पानी की जरूरत होती है. इसके साथ ही मोटे अनाज, दालें और पशुओं के चारे जैसी फसलों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया. साथ ही जल संसाधन विभाग को देश के सभी प्रमुख जलाशयों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने को कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते फैसले लिए जा सकें.

बैठक में बिजली आपूर्ति को लेकर भी चर्चा हुई. अमित शाह ने निर्देश दिया कि देश में बिजली की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे. अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल देश में जरूरी खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी नियंत्रण में हैं.

जून में रिकॉर्ड कम बारिश

मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इस साल जून का महीना साल 1901 के बाद से अब तक का पांचवां सबसे सूखा महीना रहा है. पूरे महीने में सिर्फ 99.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से करीब 40 फीसदी कम है. सबसे खराब हालत मध्य भारत की है, जहां पानी की किल्लत 50 फीसदी से भी ज्यादा दर्ज की गई है. इसके साथ ही भारतीय मौसम विभाग ने जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया गया है, जिससे फसलों की बुवाई और पानी के संकट को लेकर चिंता और बढ़ गई है.

असम और अरुणाचल के लिए भी निर्देश

एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा सूखे की आशंका से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ असम और अरुणाचल में आई बाढ़, लैंडस्लाइड और भारी तबाही की स्थिति की भी समीक्षा की गई. गृह मंत्रालय को निर्देश दिया गया है कि एक केंद्रीय टीम तुरंत इन राज्यों का दौरा करे. यह टीम वहां हुए नुकसान का जमीनी आकलन करेगी, ताकि केंद्र सरकार की तरफ से प्रभावित इलाकों को जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके.

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