Headlines

आजमगढ़ हत्याकांड: महामृत्युंजय जाप और आधार कार्ड पर विवाद… ‘कातिल’ अरविंद सिंह की मां ने बताई पूरी वारदात – inside story of Azamgarh murder case arvind singh mother told pandit wife babita Controversy lclam


Uttar Pradesh News: आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र स्थित शंभूपुर गांव में शाम करीब 5:30 बजे अरविंद सिंह नामक व्यक्ति ने घर में चल रही पूजा के दौरान विवाद होने पर अपने बड़े भाई की ट्रांसफर की हुई रिवाल्वर से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस घटना में अरविंद की पत्नी बबीता सिंह और पूजा करा रहे दो पुरोहितों, जिनमें पंडित महेंद्र पाठक भी शामिल थे, की मौत हो गई. इसके बाद आरोपी ने अपने 8 साल के बेटे शौर्य, 5 साल की बेटी परी और 6 महीने की बच्ची को बंधक बना लिया. देर रात पुलिस की जवाबी कार्रवाई और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हुई फायरिंग में आरोपी अरविंद ढेर हो गया. बाद में उसके 8 साल के घायल बेटे शौर्य की भी इलाज के दौरान मौत हो गई. इस तरह इस पूरी खौफनाक घटना में कुल मिलाकर पांच लोगों की जान जा चुकी है.

मां श्यामबला देवी का बड़ा बयान

मुख्य आरोपी अरविंद सिंह की मां श्यामबला देवी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि अरविंद के लिए ही उसकी पत्नी बबीता तीन पुरोहितों के साथ मिलकर पिछले तीन दिनों से घर में महामृत्युंजय का जाप करवा रही थी. कल शाम करीब 5:30 बजे जब अरविंद घर पहुंचा, तो उसने पूजा करवा रहे पुरोहितों से उनका आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया. 

विवाद, हत्या और पुरानी रंजिश

मां के अनुसार, पुरोहितों के इस अपमान का पत्नी बबीता सिंह ने विरोध किया. इससे नाराज होकर अरविंद ने पहले बबीता की हत्या की. फिर भाग रहे तीन पुरोहितों में से दो को गोली मार दी, जबकि एक पुरोहित जान बचाकर भाग निकला. मां श्यामबला देवी ने यह भी खुलासा किया कि 12 अक्टूबर 2018 को बड़े भाई सुनील सिंह की हत्या के बाद से अरविंद काफी परेशान रहने लगा था. 

घर के बाहर गुमसुम बैठी अरविंद की मां (Photo- Gaurav Gupta/AajTak)

परिवार का पुराना इतिहास और हथियार

श्यामबला देवी के मुताबिक, साल 2015 में बबीता ने पड़ोस के दो लोगों पर बलात्कार का केस दर्ज कराया था, जिसमें उन्हें 20-20 साल की सजा हुई. उस केस की सुनवाई से ठीक पहले सुनील की हत्या हुई थी, जिसका मामला अभी कोर्ट में लंबित है. जिस रिवाल्वर से अरविंद ने हत्याएं कीं, वह उसके दिवंगत भाई सुनील सिंह की ही थी जो अरविंद को ट्रांसफर हुई थी. 

पुलिस एनकाउंटर और रेस्क्यू ऑपरेशन

हत्याओं के बाद आरोपी अपने बच्चों, तीन लाइसेंसी हथियारों और दर्जनों कारतूसों के साथ कमरे में बंद हो गया. जब पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत दरवाजा तोड़ा, तो अरविंद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. पुलिस की आत्मरक्षक जवाबी कार्रवाई में अरविंद घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई. फिलहाल, इस वारदात से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है. 

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *