पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने उनकी जेल में स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम और विदेश मंत्री एड मिलिबैंड से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. गोल्डस्मिथ ने आरोप लगाया कि इमरान खान को पिछले तीन वर्षों से उनके राजनीतिक विरोधियों की ओर से प्रताड़ित किया जा रहा है और इसका उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है.
73 वर्षीय इमरान खान को 5 अगस्त 2023 को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह तभी से हिरासत में हैं. उन्हें रावलपिंडी के बाहरी इलाके में स्थित अदियाला जेल में रखा गया है. गोल्डस्मिथ ने X पर लिखा, ‘ब्रिटेन आखिर कब तक चुप रहेगा?’ उन्होंने आरोप लगाया कि उनके दोनों बेटों के पिता और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को राजनीतिक विरोधियों ने तीन साल से प्रताड़ित किया है. उन्होंने इसे पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की ‘व्यक्तिगत प्रतिशोध’ की कार्रवाई करार दिया.
‘तीन साल से एकांत कारावास में इमरान’
गोल्डस्मिथ ने दावा किया कि इमरान खान ने तीन साल का एकांत कारावास झेला है और करीब 10 महीनों से उनके परिवार को उनसे संपर्क नहीं करने दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि खान को किताबों, वकीलों और डॉक्टरों तक पर्याप्त पहुंच से भी वंचित रखा गया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के ‘नेल्सन मंडेला रूल्स’ का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार 15 दिनों से अधिक का एकांत कारावास प्रतिबंधित है. गोल्डस्मिथ ने दावा किया कि इमरान तीन साल से ऐसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं.
पिछले सप्ताह इमरान खान को जेल से इस्लामाबाद स्थित सरकारी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया था. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें विस्तृत मेडिकल जांच के लिए निजी शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने और जरूरत पड़ने पर 16 सितंबर तक वहां रखने का निर्देश दिया था.
इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का कथित तौर पर पालन नहीं करने पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत सात लोगों के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की है.
बेटों को वीजा नहीं देने का आरोप
गोल्डस्मिथ ने कहा कि इमरान खान का ब्रिटेन से पांच दशक से ज्यादा पुराना रिश्ता है. उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की, वहां क्रिकेट टीम की कप्तानी की और इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट भी खेला. उन्होंने कहा कि उनके और इमरान के बेटे सुलेमान और कासिम ब्रिटिश नागरिक हैं, लेकिन वे हजारों किलोमीटर दूर से अपने पिता की बिगड़ती सेहत देखने को मजबूर हैं. गोल्डस्मिथ ने दावा किया कि दोनों को पाकिस्तान जाने के लिए वीजा नहीं दिया गया और अदालत के निर्देश के बावजूद पिता से नियमित फोन कॉल भी नहीं कराई जा रही.
गोल्डस्मिथ ने ब्रिटिश सरकार से पाकिस्तान पर सार्वजनिक रूप से दबाव डालने की अपील की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान राष्ट्रमंडल का सदस्य है और ब्रिटेन को मांग करनी चाहिए कि पाकिस्तान अपने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करे, इमरान को उचित इलाज और परिवार से मिलने की अनुमति दे तथा उनका लंबे समय से चला आ रहा एकांतवास खत्म करे.
उन्होंने इसे केवल पाकिस्तान का राजनीतिक मामला नहीं, बल्कि ‘मानवाधिकार आपातस्थिति’ बताते हुए ब्रिटेन की बर्नहैम सरकार से कार्रवाई की अपील की.
—- समाप्त —-
