कटनी CSP नेहा पच्चीसिया पर गिरी गाज, CM मोहन यादव ने किया सस्पेंड – katni csp neha pachisia suspended mp cm mohan yadav land fraud fir lcln


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कटनी की CSP नेहा पच्चीसिया को तुरंत सस्पेंड करने का आदेश दिया है. उन पर जिले में जमीन खरीदने के लिए जबरदस्ती करने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था. CM ने साफ कर दिया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या सत्ता के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एक अधिकारी ने बताया कि निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई  की जाएगी.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि हाल ही में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने CSP पचिसिया की याचिका खारिज कर दी और उन्हें कोई अंतरिम राहत नहीं दी, जिसके बाद पुलिस विभाग ने भी उनके खिलाफ सख्त कानूनी रुख अपनाया.

कटनी के एसपी अभिनव विश्वकर्मा ने कहा, ”भोपाल विजिलेंस ब्रांच की शिकायत और जबलपुर जोन के निर्देशों के आधार पर कटनी के कुठला पुलिस स्टेशन में CSP और अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जबरदस्ती और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया गया.”

यह पूरा मामला रमेश लोधी की जमीन के लेन-देन से जुड़ा है, जो कुठला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आती है. विभागीय जांच में पाया गया कि सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार इस जमीन की असल कीमत 82 लाख 86 हजार 930 रुपये थी.

लेकिन पुलिस मशीनरी और अपने पद का दुरुपयोग करते हुए, CSP ने लोधी परिवार पर दबाव डाला कि वे यह जमीन मारुफ अहमद हनफी के नाम पर सिफ 18,20,000 रुपये में बेच दें. अधिकारी ने बताया कि दस्तावेजों में 15 लाख रुपये का भुगतान चेक से और 3.20 लाख रुपये नकद दिखाए गए थे.

जबलपुर की ASP अनु बेनीवाल की गहन जांच में पाया गया कि हनफी के बैंक खाते में खरीद के लिए पैसे नहीं थे. जांच के अनुसार, 11 जुलाई, 2025 को खाते में सिर्फ 3,036 रुपये थे.

15 अप्रैल, 2026 को यानी रजिस्ट्रेशन वाले दिन, हनफ़ी के खाते में अचानक 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए. अधिकारी ने बताया कि जांच के अनुसार, शाइन पार्टनर्स के अकाउंट से उनके अकाउंट में 10 लाख रुपये और क्षितिज राज बारापात्रे के अकाउंट से 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे.

जांच करने वालों को यह भी पता चला कि शाइन पार्टनर्स और बारापात्रे, दोनों के बैंक अकाउंट में एक ही PAN नंबर का इस्तेमाल किया गया है.

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, माना जाता है कि बारापात्रे, CSP पचिसिया के करीबी सहयोगी, रिश्तेदार या बिजनेस पार्टनर हैं. उन्होंने बताया कि लोधी, जो जेल में थे और एक आपराधिक मामले में जांच का सामना कर रहे थे, पर अपनी जमीन बहुत कम कीमत पर बेचने के लिए दबाव डाला गया था.

लोधी के बेटे आकाश लोधी ने आरोप लगाया कि जब उनके पिता ने उस विवादित रजिस्ट्री और ट्रांसफर को रद्द करने के लिए आवेदन किया, जो उनके जेल में रहने के दौरान हुआ था, तो उनके पूरे परिवार को धमकी दी गई.

18 अगस्त 2026 की जांच रिपोर्ट के आधार पर जबलपुर जोन ऑफिस ने कटनी के पुलिस अधीक्षक (SP) को इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

अधिकारी ने बताया कि जांच के बाद कुथला पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया. सीनियर अफसरों के निर्देश पर CSP और अन्य लोगों के खिलाफ FIR में BNS की धारा 61, 198, 199(B), 308 (7) और 318 (4) लगाई गई हैं.

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