भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी का प्रतिनिधित्व कर चुके वकील विजय अग्रवाल पर लंदन में यौन उत्पीड़न के चार मामलों में आरोप तय किए गए हैं. मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने इसकी पुष्टि की है.
पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त को अधिकारियों ने मेफेयर के ब्रिक स्ट्रीट स्थित एक प्रॉपर्टी में यौन उत्पीड़न की शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की थी. कथित घटनाएं 26 मई और 9 अगस्त को हुई थीं. इस मामले में 57 वर्षीय विजय अग्रवाल और 41 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया गया था.
पुलिस ने बताया कि विजय अग्रवाल को 13 अगस्त को गिरफ्तार करने के बाद यौन उत्पीड़न के चार मामलों में आरोपित किया गया. उन्हें उसी दिन वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. अब उन्हें 10 सितंबर को साउथवार्क क्राउन कोर्ट में पेश होना है.
दो मामलों में आरोप लगाए गए थे
इस मामले में 41 वर्षीय मनप्रीत कौर पर भी यौन उत्पीड़न के अपराध को जानबूझकर बढ़ावा देने या उसमें मदद करने के दो मामलों में आरोप लगाए गए हैं. जांच के सिलसिले में 11 अगस्त को 23 वर्षीय एक युवक और 43 वर्षीय एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, उन पर कोई आरोप तय नहीं किया गया और आगे की जांच तक उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया. पुलिस ने बताया कि यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाली दोनों महिलाओं को विशेषज्ञ अधिकारी लगातार सहायता दे रहे हैं.
विजय अग्रवाल भारत के एक प्रमुख आपराधिक वकील हैं और कई हाई-प्रोफाइल आरोपियों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. वह पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में भारत में वांछित भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के वकील के तौर पर खास तौर पर जाने जाते हैं. उन्होंने चोकसी से जुड़े कई कानूनी मामलों में उसका प्रतिनिधित्व किया है और अलग-अलग देशों में चली कानूनी लड़ाइयों के दौरान अपने मुवक्किल की ओर से सार्वजनिक रूप से भी बात की है. लंदन में विजय अग्रवाल पर लगे ये आरोप उनके अपने कानूनी करियर से जुड़ा एक बड़ा घटनाक्रम हैं. हालांकि, आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं और अदालत में दोषी साबित होने तक उन्हें निर्दोष माना जाएगा.
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